डॉ. रामवीर जनता के दुख दर्द की जिन्हें नहीं परवाह भ्रष्टाचार से जुटा रहे जो सम्पत्ति अथाह जिनके मुख से झूठ का होता सतत प्रवाह अन्धभक्त करते मिले उनकी भी
डॉ. रामवीर आज देश में सत्य बिचारा पड गया है बीमार बीजेपी का आईटी सैल है इसका जिम्मेदार। सत्य अकेला और निहत्था ट्रोलर कई हजार जब देखो करते ही रहते
डॉ. रामवीर जि़ंदगी क्या है मुसीबत का मुसल्सल सिलसिला वक़्ते आखिऱ आने पर ही ख़त्म होता सिलसिला। सबकी क़िस्मत है अलग फिर क्यों करें नाहक गिला सबको अपनी अपनी करनी
डॉ. रामवीर जो बोओगे वो काटोगे उक्ति है बहुत पुरानी अचरज होता बूढ़ों को भी पड़ती है समझानी। जान बूझ कर जो समाज में फैलाते हैं घृणा घृणा की खेती
डॉ. रामवीर बीजेपी के आईटी सैल से निकल रहा जो कूड़ा कचरा वह युवकों के दिलो-दिमाग में धीरे धीरे जा रहा पसरा । झूठी खबरें गलत सूचना देने वाले बेहया
डॉ. रामवीर विभिन्न कारणों से कभी कभी कोई शब्द प्रमुख हो जाता है। ऐसा ही एक शब्द है रोड। यदि गणना की जाए कि दिन भर मीडिया में किन शब्दों
डॉ. रामवीर जिन लोगों ने देशभक्ति को भी अपना व्यापार बनाया हर मौके पर सच्चाई का बेशर्मी से गला दबाया। ऐसे जन जब गला फाड़ कर बोलें भारत माता की
डॉ. रामवीर कुछ लोगों के लिए बहकना होता है आसान सत्य मान लेते हैं यदि कोई भर दे इनके कान। कहने वाला कौन है एवं क्या है उसकी मंशा आखिर
जंग की बातें न कर कोई और बात कर दंगो फ़साद पर न जा कोई और बात कर मज़मून ही सही नहीं कोई और बात कर तंग आ गए हैं
डॉ. रामवीर अपनी सीमित सोच में कैद आत्ममुग्ध श्रीमान आशा रखते हैं कि उन की बात सभी लें मान। बायोडाटा पढ कर तो वे लगते हैं विद्वान पर अपने अज्ञान