डॉ. रामवीर
कुछ लोगों के लिए बहकना होता है आसान सत्य मान लेते हैं यदि कोई भर दे इनके कान।
कहने वाला कौन है एवं क्या है उसकी मंशा आखिर किस कारण से इतनी करता वह प्रशंसा।
इन्हें कोई भी लग सकता है देवतुल्य महान भले ही इनके भोलेपन से होता रहे नुकसान।
शंका करना प्रश्न उठाना इनको लगे बुरा मानो सोच विचार करने की क्षमता ली हो चुरा।
माना अतिशंका करना भी शायद न हो ठीक किन्तु प्रश्नाकुलता ही है जिज्ञासा की प्रतीक।
प्रश्न कोई भी नहीं पूछना जो भी सुना वह सत्य मानना इसका मतलब है कि श्रोता नहीं चाहता सत्य जानना।