”बीजेपी मुर्दाबाद’’ कहने पर जिला बदर? जज ने कहा: नागरिक गुलाम नहीं हैं

”बीजेपी मुर्दाबाद’’  कहने पर जिला बदर?  जज ने कहा: नागरिक गुलाम नहीं हैं
July 17 14:55 2026

बॉम्बे हाईकोर्ट में कुछ असाधारण हुआ। जज ने वह कहा — जो शायद ही कभी किसी अदालत ने इतनी

साफगोई से कहा हो। जस्टिस माधव जामदार ने कहा — ”नागरिकों को भारत सरकार का गुलाम बनाया जा रहा है। वे प्रदर्शन नहीं कर सकते, आंदोलन नहीं कर सकते — यह क्या है?ÓÓ

मामला क्या था स्शष्द्बड्डद्यद्बह्यह्ल ष्ठद्गद्वशष्ह्म्ड्डह्लद्बष् क्कड्डह्म्ह्ल4 शद्घ ढ्ढठ्ठस्रद्बड्ड के महासचिव सईद अहमद अब्दुल वहीद चौधरी ष्ट्र्र और ज्ञानवापी विवाद के खिलाफ मोर्चे और धरने आयोजित कर रहे थे।

मुंबई पुलिस ने उन्हें एक साल के लिए जिला बदर कर दिया — पांच स्नढ्ढक्र के आधार पर जो ज़्यादातर सरकार

विरोधी प्रदर्शनों के लिए थीं। जस्टिस जामदार ने यह आदेश देखा। और आगबबूला हो गए। जज ने जो कहा — वह इतिहास में दर्ज होगा ‘Óयाचिकाकर्ता ने तो सिर्फ ‘क्चछ्वक्क त्रश1द्गह्म्ठ्ठद्वद्गठ्ठह्ल रूह्वह्म्स्रड्डड्ढड्डस्रÓ,

‘्रद्वद्बह्ल स्द्धड्डद्ध रूह्वह्म्स्रड्डड्ढड्डस्रÓ जैसे नारे लगाए। नागरिक ऐसे नारे क्यों नहीं लगा सकते? ऐसे नारों के लिए जिला बदर आदेश क्यों?ÓÓ ”पुलिस मुख्यमंत्री या प्रधानमंत्री की सेवक नहीं है — वे जनसेवक हैं। मैं आपके अधिकारियों पर भारी जुर्माना लगाऊंगा।ÓÓ ”अगर लोग विरोध करें तो आप केस थोप देंगे — यह क्या है? नागरिकों का प्रदर्शन करना उनका अधिकार है।ÓÓ फैसला जस्टिस जामदार ने अपने आदेश में लिखा —

”सरकार के फैसलों का विरोध करने और उसके खिलाफ नारे लगाने मात्र से किसी नागरिक को जिला बदर नहीं किया जा सकता। यह कार्रवाई दुर्भावनापूर्ण है और संविधान के अनुच्छेद 19 और 21 के तहत मौलिक अधिकारों का उल्लंघन है।ÓÓ जिला बदर आदेश रद्द। यह फैसला इतना बड़ा क्यों है आज के भारत में — जहाँ असहमति को देशद्रोह कहा जाता है।

जहाँ विरोध प्रदर्शन पर ्रक्क्र लगाया जाता है। जहाँ &ह्नह्वशह्ल;क्चछ्वक्क मुर्दाबादÓÓ कहने पर जिला बदर किया जाता है। एक जज ने खड़े होकर कहा — नागरिक गुलाम नहीं हैं। विरोध करना — अधिकार है।

view more articles

About Article Author

Mazdoor Morcha
Mazdoor Morcha

View More Articles