back to homepage

Tag "kavita"

बच्चों के प्रश्न

डॉ. रामवीर बच्चों के प्रश्न होते हैं मौलिक सीधे और बेलाग जिन्हें वे कहीं भी देते हैं दाग और आप चाह कर भी नहीं सकते उनसे भाग अभी कल एक

Read More

महान जन-साहित्यकार नाजि़म हिक़मत को क्रांतिकारी मज़दूर मोर्चा का लाल सलाम. प्रस्तुत हैं नाजि़म हिक़मत की मेरी पसंदीदा 4 कविताएं:-

1. पहली मई मैं बीस साल का हूं लेनिन जि़न्दा हैं लाल चौक लदा हुआ है झण्डों से और खड़े हैं कतारबद्ध पन्द्रह करोड़ लोग पैंतीस साल बीत गए मैं

Read More

कविता

( 1  ) ता उम्र मुश्किलात में कुछ इस तरह जिया जैसे कि आंधियों में भी जलता रहा दिया अर्ज़े हयात के लिए क्या क्या नहीं किया क़त्ले ज़मीर तो

Read More

प्यार बांटते बांटते…

डॉ. रामवीर प्यार बांटते बांटते उमर बिताई पूरी जिन पे लुटाया वे भी देखा रखने लगे हैं दूरी। हमें पता है उन बेचारों की है जो मजबूरी उनको सारी जानकारियां

Read More

घुटन/बच्चा लाल उनमेश

हमें ज़मीन चाहिए, सारा आसमान तुम रख लो। हमें संविधान चाहिए, गीता, कुरान तुम रख लो। हमें रोटी चाहिए अध्यात्म का ज्ञान तुम रख लो। हमें रोजगार चाहिए व्रत और

Read More

हम तो सदा कहते आए हैं…

डॉ. रामवीर हम तो सदा कहते आए हैं दोहरा रहे पुन: देश के माथे पर कलंक है पारस्परिक कलह। अगर चाहते हो सुख चैन न भूलें ये बैन ‘ईवन वार्स

Read More

झूठे गीत न जाते गाए

डॉ. रामवीर नेता हों या होवें पुजारी सब के सब हो गए व्यापारी, राजनीति में और धर्म में घुसे हुए हैं कारोबारी। नेताओं को नहीं दीखती बेबस जनता की लाचारी,

Read More

तभी छंटेगा गहरा तम

डॉ. रामवीर समझाने वाले ज्यादा हैं और समझने वाले कम, इस हालत में दिल की बातें कैसे किसे सुनाएं हम। अब संवाद नहीं होता है बहस वास्ते ठोकें खम, लगता

Read More

बेर्टोल्ट ब्रेष्ट की कविता

जिन्होंने नफऱत फैलाई, क़त्ल किए और ख़ुद ख़त्म हो गए, नफऱत से याद किए जाते हैं। जिन्होंने मुहब्बत का सबक़ दिया और क़दम बढ़ाए वे जिन्दा हैं, मुहब्बत से याद

Read More

कविता

देश जा रहा है सेठों की जेब मे देश जा रहा है सेठों की जेब में समाधान ढूंढते हो औरंगजेब में बेटियां लाचार बनाते हो घर में सुरक्षा चूक खोजते

Read More