ईएसआई मेडिकल कॉलेज अस्पताल फरीदाबाद (मजदूर मोर्चा) ईएसआई मेडिकल कॉलेज अस्पताल के कार्डियोलॉजी विभाग में प्रोफेसर बने बैठे डॉ. राकेश वर्मा को महिलाओं के प्रति उनकी नीच हरकतों के चलते
फऱीदाबाद (मज़दूर मोर्चा) एनएच तीन स्थित ईएसआईसी मेडिकल कॉलेज अस्पताल में तैनात कार्डियोलॉजी के डॉक्टर राकेश वर्मा पर अनेक महिला कर्मचारियों ने छेडख़ानी के आरोप लगाए हैं। इसे लेकर मजदूर
फरीदाबाद (मज़दूर मोर्चा) एनएच तीन स्थित ईएसआईसी मेडिकल कॉलेज अस्पताल बीमाकृत मजदूरों को चिकित्सा सेवाएं प्रदान करने का एक अच्छा केंद्र बनने की ओर अग्रसर था कि अगस्त 2025 में
मज़दूर मोर्चा ब्यूरो करीब दो साल पहले जब मनोहर लाल खट्टर हरियाणा के मुख्यमंत्री हुआ करते थे तो उन्होंने अपने सरकारी मेडिकल कॉलेजों में एमबीबीएस छात्रों की फीस 80 हजार
फरीदाबाद (मज़दूर मोर्चा) ईएसआईसी मेडिकल कॉलेज अस्पताल में कार्यरत 300 सुरक्षा गार्डों में से 82 को काम से निकाल दिया गया। निकालने का तरीका भी बड़ा अजीब व नवेला था।
डीन को मिला जवाब, ‘हम डॉक्टर हैं, चोर नहीं’ फरीदाबाद (मज़दूर मोर्चा) आठ अगस्त 2025 से डीन का कार्यभार सम्भाल चुके डॉ. कालीदास दत्ताराय ने इस छोटे से कार्यकाल में
फरीदाबाद (मज़दूर मोर्चा) समझा जाता है कि बेहतर इलाज पाने के लिए कुछ लोगों ने हेरा-फेरी करके ईएसआई कार्ड बनवा रखे हैं, अथवा कार्डों में अपने नाम चढ़वा रखे हैं।
खर्च घटाने के चक्कर में कर्मचारियों के वेतन में भारी कटौती फरीदाबाद (मज़दूर मोर्चा) देश भर के चार करोड़ मज़दूरों के वेतन से चार प्रतिशत कटौती करके अपने खजाने में
फरीदाबाद (मज़दूर मोर्चा) सन् 1948 में भारतीय संसद द्वारा बनाए गए एक्ट के द्वारा ईएसआई कॉर्पोरेशन की स्थापना की गई थी। इसके द्वारा देश के औद्योगिक श्रमिकों को बेहतरीन चिकित्सा
फरीदाबाद (मज़दूर मोर्चा) बीते सप्ताह ईएसआईसी अस्पताल में डॉ. निशांत गुरनानी द्वारा सफल रोबोटिक सर्जरी करके मरीज की बेकार हो चुकी किडनी को निकालना वाकई एक प्रसंशनीय करिश्मा है। लेकिन