फरीदाबाद (मज़दूर मोर्चा) हरियाणा में भाजपा सरकार के आने से पहले राजा नाहर सिंह क्रिकेट स्टेडियम में अनेकों अंतराष्ट्रीय व रणजी ट्राफी मैच खेले जा चुके थे। इसी से समझा
फरीदाबाद (मज़दूर मोर्चा) समझा जाता है कि बेहतर इलाज पाने के लिए कुछ लोगों ने हेरा-फेरी करके ईएसआई कार्ड बनवा रखे हैं, अथवा कार्डों में अपने नाम चढ़वा रखे हैं।
धर्मेन्द्र आज़ाद हे मेरे प्यारे बच्चों, मैं अरावली बोल रही हूँ— हाँ, गुजरात से दिल्ली तक फैली सात सौ किलोमीटर लंबी तीन अरब वर्ष पुरानी तुम्हारी अपनी अरावली। आज मैं
डॉ. रामवीर किससे आशा करें और अब किस पे करें विश्वास बदल गए हैं मित्र पुराने जो थे खासम खास। कुछ साथी तो नेताओं की सुन सुन कर बकवास इतने
सिद्धार्थ रामू बहुजन-दलित चेतना का जातिवादी चेतना में बदलना, भाजपा की राजनीतिक सफलता की सबसे बड़ी वजह है-संदर्भ हिंदी पट्टी जब हम हिंदी पट्टी की बहुजन राजनीति की बात करते
आनन्द स्वरूप वर्मा 1990 के दशक के साथ ही भूमंडलीकरण का दौर शुरू हो गया। ग्लोबलाइजेशन का एक ‘बिल्ट-इन मेकेनिज्म’ है-जनआंदोलन की खबरों का ब्लैक आउट करना। इसके पीछे दलील
हेमंत कुमार झा यानी, दुनिया में लोग जिस तरह कमा खा रहे हैं, एक अच्छे लेवल का जीवन जी रहे हैं, उससे बेहद खराब हालत में, निहायत ही गरीबी में
राजेन्द्र सिंह अरावली बचाओ आंदोलन ने देश को पानीदार बनाने की प्रक्रिया शुरू की थी। 80 के दशक में जब पूरा अरावली खनन के दबाव में पिस रहा था, तब
फरीदाबाद (मज़दूर मोर्चा) 14 अगस्त 2014 को बहुत बड़े ताम-झाम के साथ स्थानीय सांसद एवं केन्द्री मंत्री कृष्ण्पाल गूजर तथा केन्द्रीय मंत्री नितिन गडकरी ने $फरीदाबाद को नोयडा से जोडऩे
फरीदाबाद (मज़दूर मोर्चा) बुधवार दिनांक 24 दिसम्बर को आगरा की ओर जाने वाले सैंकड़ो यात्री ताज एक्सप्रेस की प्रतीक्षा में प्लेटफॉर्म नम्बर तीन पर खड़े थे, जो इस ट्रेन का