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फरीदाबाद

बजट पूर्व विचार विमर्श की नौटंकी, ईएसआईसी बारे सरकार को ज्ञान नही

फरीदाबाद (मज़दूर मोर्चा) हरियाणा सरकार द्वारा वित्तीय वर्ष 2026-27 का बजट आगामी फरवरी महीने में विधानसभा में पेश किया जाना है। जनता की आवश्यकताओं को समझकर बजट बनाने के लिए

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भ्रामक खबर छपवाने लगा ईएसआईसी मेडिकल कॉलेज अस्पताल

फरीदाबाद (मज़दूर मोर्चा) लगता है भाजपा सरकार की तरह ईएसआईसी मेडिकल कॉलेज अस्पताल प्रशासन ने भी अखबारों में भ्रामक खबर छपवा कर प्रोपेगेंडे की राह पकड़ ली है। ऐसी ही

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सफाई के नाम पर 750 करोड़ डकारने की परियोजना

फरीदाबाद (मज़दूर मोर्चा) ट्रायल के तौर पर पहले पौने दो करोड़ रुपए से ओल्ड फरीदाबाद के कुछ वार्डों की सफाई के नाम पर परियोजना को चलाने के बाद पूरे शहर

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ईएसआईसी मेडिकल कॉलेज अस्पताल में दो दिन चली डॉक्टरों की हड़ताल, परेशान हुए मरीज

डीन को मिला जवाब, ‘हम डॉक्टर हैं, चोर नहीं’ फरीदाबाद (मज़दूर मोर्चा) आठ अगस्त 2025 से डीन का कार्यभार सम्भाल चुके डॉ. कालीदास दत्ताराय ने इस छोटे से कार्यकाल में

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इतिहास की सबसे दिलचस्प और सबसे बदसूरत परतों में से एक

असीम तिवारी 1971 का वह समय, जब सार्वजनिक मंचों पर कूटनीति मुस्कुरा रही थी और बंद कमरों में भाषा गालियों, धमकियों और नस्लवादी घृणा तक उतर चुकी थी, यह सब

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माँ : मैक्सिम गोर्की का अमर उपन्यास और आज के भारत की चेतना

डॉ. सोना चौधरी (बबीता) मैक्सिम गोर्की का विश्वविख्यात उपन्यास ‘माँ (The Mother)’ केवल एक साहित्यिक कृति नहीं, बल्कि सामाजिक चेतना, संघर्ष और परिवर्तन का जीवंत दस्तावेज़ है। यह उपन्यास एक

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अगर बेचने पर आता तो….

डॉ. रामवीर  अगर बेचने पर आता तो मैं भी बेच सकता था गीता वेद और शास्त्रों की दुकान सजा सकता था। देवी और देवताओं के सुन्दर चित्र लगा कर श्रद्धालु

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पत्रकारिता का अंधा युग-7

आनन्द स्वरूप वर्मा अभिषेक श्रीवास्तव ने अपनी एक रिपोर्ट में 7 सितंबर, 2012 को इंडियन एक्सप्रेस में प्रकाशित एक खबर के हवाले से बताया था कि किस तरह टीवी चैनलों

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टिप्पणी/बिहार प्रशासन में भाजपाई सांप्रदायिक गेट क्रैश

हेमंत कुमार झा जिस दिन नीतीश कुमार नाम का राजनीतिक दीया, जिसकी लौ अब मद्धिम हो चुकी है, बुझ जाएगा और भाजपा नामक दीये से बिहार की सत्ता रौशन होगी

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मोदी-आरएसएस का विरोध ‘देश-विरोध’ नहीं, जि़ंदा लोकतंत्र के सांस लेने की आवाज़ है

आज जो कहानी गढ़ी जा रही है, वह एक ख़तरनाक भ्रम पर टिकी है. सत्ताधारी पार्टी भाजपा और उसके वैचारिक संरक्षक आरएसएस को ‘राष्ट्र’ के बराबर रखकर, मीडिया सरकार को

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