गुस्ताखी माफ़ हरियाणा मिलिए स्वामी ज्ञानानंद जी महाराज- प्रसिद्ध विज्ञान एवं श्रीमद् भागवत गीता की शिक्षाओं में निष्णात। स्वयंभू गीता मनीषि – हरियाणा के राज्यपाल बंडारू दतात्रेय ने उन्हे यानी ज्ञानानंद महाराज को हरियाणा अंतरराष्ट्रीय मेला प्राधिकरण का उपाध्यक्ष नियुक्त किया है। वे प्राधिकरण के मार्गदर्शक के रूप में भी काम करेंगे। अभी यह नहीं बताया गया है कि उन्हे सरकारी कार और वेतन भी मिलेगा या नहीं। स्वामी जी पर मनोहर कृपा हो गई है ।
मुझे नहीं पता कि महामहिम बंडारू जी ने स्वामी ज्ञानानंद को विज्ञान एवं गीता की शिक्षा में निष्णात किस आधार पर माना है । इसके लिए उन्होंने कौन सा पैमाना इस्तेमाल किया है। क्या कभी ज्ञानानंद ने मनोहर लाल खट्टर या नायब सैनी को गीता की यह शिक्षा दी कि राजा को इस बात का भेदभाव किए बिना कि, कौन उसका मित्र या रिश्तेदार है न्याय करना होता है?
इनकी शिक्षा दीक्षा की डिग्रियां सार्वजनिक की जाएं। गीता पर कोई टीका उपलब्ध हो जो उसके द्वारा लिखी गई हो, वो भी प्रकाशित की जाए। शहर के बीचोंबीच ब्रह्मासरोवर के साथ साढ़े दस एकड़ बेशकीमती बल्कि अरबों रुपयों की जमीन खट्टर काका ने किस आधार पर व समाज के या राज्य के किस भले के लिए अलॉट कर दी? हरियाणा के तमाम अधिकारी मनीषि महाराज के आगे नतमस्तक क्यों हैं? क्या दिया है इन्होंने देश व समाज में महज पांखड फैलाने के सिवा।
गीता महोत्सव व गीता जयंती के नाम पर अब तक करोड़ों रुपये स्वाहा कर सिवाए विदेशों में मौज़ मस्ती के कितना ज्ञान बांट चुके हैं ये महाराज? इसी तरह एक और महाराज पाल लिए गुरूग्राम में, जो धार्मिक कम जाति बिरादरी के नेता बनने व कहलाने में ज्यादा यक़ीन रखते हैं। एक आध चुनाव भी लड़ अपनी फज़ीहत करवा चुके, जय हो खट्टर मिया, समाज का न सही बिरादरी का भला जरूर कर रहे हो भाई ।