मांगा डीएपी, मिली पुलिस की लाठी : रतनमान

मांगा डीएपी, मिली पुलिस की लाठी : रतनमान
October 05 06:23 2025

लहूलुहान हुए किसान, ज्यादती पर सरकार
करनाल 2 अक्टूबर। हिसार जिले के श्यामसुख गाँव में किसानों के साथ घटी घटना को लेकर प्रदेशभर में गुस्से का माहौल है। डीएपी खाद लेने पहुंचे सैकड़ों किसान जब घंटों लंबी कतारों में खड़े रहे और प्रशासन खाद वितरण में असफल रहा, तो मौके पर अव्यवस्था फैल गई। व्यवस्था सुधारने की बजाय पुलिस ने किसानों पर लाठियाँ बरसाकर हालात और बिगाड़ दिए। भारतीय किसान यूनियन के प्रदेश अध्यक्ष रतनमान ने इस घटना की कड़ी निंदा करते हुए कहा कि अन्नदाता देश की रीढ़ है। वही किसान जब अपनी फसल बचाने के लिए खाद लेने पहुंचे और उन पर सरकार लाठियाँ बरसवाए, तो यह लोकतंत्र और संवैधानिक अधिकारों का खुलेआम उल्लंघन है। प्रशासन अपनी नाकामी छिपाने के लिए किसानों को निशाना बना रहा है, जो किसी भी स्थिति में बर्दाश्त नहीं किया जाएगा। प्रदेश अध्यक्ष ने कहा कि सरकार और प्रशासन की नाकामी का खामियाज़ा हमेशा किसान क्यों भुगते? खाद की कमी और वितरण व्यवस्था की अव्यवस्था किसानों को पहले से ही परेशान कर रही है। ऐसे में उन पर बल प्रयोग करना सीधे तौर पर किसान विरोधी मानसिकता को दर्शाता है।

भाकियू ने मुख्यमंत्री को दोषी ठहराते हुए दी आन्दोलन की चेतावनी
रतनमान ने इस मामले में सरकार को दोषी ठहराते हुए मुख्यमंत्री को आन्दोलन की चेतावनी दी है। उन्होंने चेतावनी देते हुए कहा कि यदि सरकार ने इस घटना का संज्ञान लेकर ठोस कदम नहीं उठाए तो भारतीय किसान यूनियन प्रदेशभर में आंदोलन शुरू करेगी और इसका ज़िम्मेदार सरकार और प्रशासन स्वयं होगा। उन्होंने यह भी कहा कि किसान पहले से ही महँगाई, मौसम की मार और बाज़ार की अनिश्चितताओं से जूझ रहा है। ऐसे समय में पुलिसिया दमन उसकी पीड़ा को और बढ़ा रहा है। सरकार को याद रखना चाहिए कि किसानों की आवाज़ को दबाकर कभी भी शांति स्थापित नहीं हो सकती। भारतीय किसान यूनियन ने अपील की है कि सभी किसान भाई शांति बनाए रखें, लेकिन अन्याय के खिलाफ एकजुट होकर आवाज़ बुलंद करें।

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Mazdoor Morcha
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