पलवल में मेडिकल कॉलेज बनाने का झांसा पलवल (मज़दूर मोर्चा) पलवल जि़ले के गांव पेलक की 382 कनाल पंचायती ज़मीन को मेडिकल कॉलेज बनाने के नाम पर हरियाणा सरकार ने 33 साल के लिये पट्टे पर ले लिया है। इस ज़मीन पर कोई कॉलेज बने या न बने लेकिन चार दीवारी खींचकर सरकार कब्जा तो जल्द ले ही लेगी। संदर्भवश हरियाणा भर में इस तरह की करीब आठ पंचायती ज़मीनों पर मेडिकल कॉलेज व मेडिकल यूनिवर्सिटी बनाने के नाम पर बीते दस साल में कब्जे ले लिए गए हैं।
वैसे भी यह स्थान मेडिकल कॉलेज बनाने के लिए किसी भी ढंग से उपयुक्त नहीं है। इस काम के लिए सबसे उपयुक्त स्थान राष्ट्रीय राजमार्ग पर स्थित गांव फिरोजपुर के पास 20 एकड़ सरकारी ज़मीन है, जहां मेडिकल कॉलेज व ट्रामा सेंटर बनाना भी उपयोगी सिद्ध हो सकता है। परन्तु सरकार की असल नीयत न तो कोई मेडिकल कॉलेज बनाना है और न ही ट्रामा सेंटर, यह तो केवल राजनीतिक जुमलेबाज़ी है।
जो सरकार बीते तीन साल से छांयसा के मेडिकल कॉलेज को ढंग से नहीं चला सकी वह नया मेडिकल कॉलेज क्या बनाएगी? विदित है कि छांयसा मेडिकल कॉलेज की आलीशान बिल्डिंग, चले-चलाए अस्पताल के साथ चार वर्ष पूर्व हरियाणा सरकार के कब्ज़े में आ गई थी, उसके बाद भी जो नहीं चला सकी तो इस नए मेडिकल कॉलेज को क्या बनाएगी और क्या चलाएगी? एक अकेले छांयसा वाले मेडिकल कॉलेज की बात नहीं है, राज्य सरकार के तमाम मेडिकल कॉलेज भयंकर दुर्दशा के शिकार हैं। इनमें न तो पर्याप्त फैकल्टी और स्टा$फ है तथा न ही आवश्यक उपकरण एवं दवाएं आदि। कांग्रेस सरकार द्वारा मेवात, खानुपर व करनाल में खोले गए कॉलेजों में यह सरकार आज तक पीजी सीटेंं भी नहीं शुरू कर पाई जिसकी अति आवश्कता है।