बिल पास कराने की आड़ में 1.52 करोड़ का गबन

बिल पास कराने की आड़ में 1.52 करोड़ का गबन
May 27 00:50 2025

करनाल। तीन ग्राम पंचायतों में 10 लाख रुपये के विकास कार्य कराने के बाद बिल पास कराने की आड़ में करीब 1.52 करोड़ रुपये के गबन का मामला सामने आया है। निसिंग पंचायत समिति के बैंक खाते से यह राशि निकली है।

विभाग के लेखाकार ने बीडीपीओ (खंड विकास एवं पंचायत अधिकारी) पर मिलीभगत करके गबन का आरोप लगाया है। जिसकी शिकायत के आधार पर उपायुक्त ने डीडीपीओ को जांच सौंप दी है। इधर, आरोपी बीडीपीओ दिगंबर सिंह का दावा है कि उनके पास सभी बिल सुरक्षित हैं, कोई हेराफेरी नहीं हुई है।

विभाग के लेखाकार संजीव व लिपिक दलबीर ने विभाग के उच्चाधिकारियों को दी शिकायत में आरोप लगाया है कि खंड विकास अधिकारी ने मिलीभगत कर खंड समिति के विकास कार्यों को लेकर एक करोड़ 51 लाख 96,670 रुपये बैंक से निकलवाए हैं। क्योंकि पंचायत समिति के खाते से रुपये निकालने के लिए बीडीपीओ और पंचायत समिति अध्यक्ष ही अधिकृत होता है। लेखाकार ने बताया कि गत एक जनवरी को पंचायत समिति के खाते में करीब 1.31 करोड़ रुपये थे। सरकार द्वारा विकास कार्यों को लेकर और राशि भी जारी की गई। तीन अप्रैल को जब पासबुक अपडेट कराई गई तो उसमें से 25 फरवरी से लेकर तीन अप्रैल तक एक करोड़ 51 लाख 96,670 रुपये निकाले जाने की बात सामने आई। निकाली गई राशि की अदायगी के बिल मांगे जाने पर नहीं दिए गए, उल्टे उन्हें जान से मारने की धमकी दी गई।

इधर, ब्लॉक समिति चेयरपर्सन प्रतिनिधि गुरदेव गुराया का कहना है कि लेखाकार पर नीलोखेड़ी के साथ-साथ निसिंग का अतिरिक्त प्रभार है। इस कारण वह निसिंग बीडीपीओ कार्यालय में नहीं आता और बीडीपीओ के पास विकास कार्यों के सभी बिल हैं। मेरे पास अधिकारियों के हस्ताक्षर होने के बाद ही फाइल पहुंचती है बाकी विभागीय जांच में स्पष्ट हो पाएगा। वहीं, डीडीपीओ संजय टांक का कहना है कि इस मामले के कागजात अभी उनके पास नहीं पहुंचे हैं।

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Mazdoor Morcha
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