अरुण कुमार त्रिपाठी भारत की कूटनीति बुरी तरह से फेल हो रही है। ऑपरेशन सिंदूर से भारत की विदेश नीति की दुविधा सामने आई। प्रमुख देशों ने भारत का समर्थन
योगेंद्र योगी भारत विडम्बनाओं से भरा देश है। इन्हीं में से एक है मोटापा और भुखमरी। इनमें एक जुड़ाव भी है। एक तरफ अनावश्यक और अत्यधिक खाने से बढऩे वाला
पानीपत (मज़दूर मोर्चा) झूठ के पकौड़े तलने में माहिर जुमलेबाज प्रधानमंत्री मोदी ने सरकारी खर्च पर नौ दिसम्बर को पानीपत में मजमा लगाया। सुरक्षा प्रबन्धन के नाम पर जहां राज्य
मुफ़्त नहीं रही महात्मा गांधी ग्राम बस्ती योजना फऱीदाबाद (मज़दूर मोर्चा) धनपशुओं के हाथ की कठपुतली बनीं मोदी-सैनी की डबल इंजन सरकारें संविधान की कल्याणकारी अवधारणा के विपरीत व्यापारी-लुटेरी बन
मोदी सरकार केवल विज्ञापनों और खोखले दावों पर आधारित विकास की बात करती है। वास्तविकता तो यह है कि गरीबी, आर्थिक और लैंगिक असमानता और कुपोषण के संदर्भ में अमृत
मज़दूर मोर्चा ब्यूरो सुप्रीम कोर्ट के आधुनिक इतिहास में किसी इक्का-दुक्का को छोड़ कर तमाम पूर्व मुख्य न्यायाधीश सुप्रीम कोर्ट को न्याय बेचने की दुकान की तरह चलाते रहे हैं।
पलवल (मज़दूर मोर्चा) उद्यमियों, डिपो होल्डर, कारोबारियों से तिरंगा यात्रा के नाम पर जबरन चंदा उगाही करवाने वाली भाजपा के नेता मोदीभक्ति को ही देशभक्ति मानते हैं। केंद्रीय मंत्री कृष्णपाल
आने लगे मोदी-खट्टर की विदेशों में नौकरी योजना के परिणाम कैथल मज़दूर मोर्चा ब्यूरो बेरोजगारी के चलते भुखमरी से बचने के लिए कैथल निवासी रवि ने रूसी सेना में भर्ती
रामशरण जोशी दो जुलाई की हाथरस ट्रेजेडी ने ‘मोदी-शाह ब्रांड भाजपा, गुजरात विकास मॉडल और डबल इंजन सरकार का नैरेटिव’ के खोखलेपन को एक साथ उजागर कर दिया है। विडंबना
एनडीए यानी नफरत, डर, असत्य फऱीदाबाद (मज़दूर मोर्चा) राहुल ने संसद में ठीक ही कहा था कि हिंदू तो क्या कोई भी बात डरने डराने की बात नहीं कहता और