फऱीदाबाद (मज़दूर मोर्चा) पूर्व सीएम मनोहर लाल खट्टर और केंंद्रीय मंत्री कृष्णपाल गूजर का दलाल- भ्रष्टाचारी चेला धनेश अदलखा विधायक क्या बना खुद को सीएम नायब सैनी व अन्य मंत्रियों
फऱीदाबाद (मज़दूर मोर्चा) बीके अस्पताल में मोदी-खट्टर के शाहाकार के रूप में 2017 में जोर शोर से खोला गया निजी हार्ट सेंटर भ्रष्टाचार और लूट कमाई का खुलासा होने के
फऱीदाबाद (मज़दूर मोर्चा) बीके अस्पताल में सक्रिय रेफर गैंग के दलाल सोनू ने बीते शनिवार की रात चोट का इलाज कराने पहुंचे सलीम को बहला फुसला कर चिमनी बाई स्थित
फऱीदाबाद (मज़दूर मोर्चा) शहर की पुलिस के पास हत्या, झपटमारी, लूट मार और अराजकतत्वों से निपटने का समय भले ही न हो लेकिन पत्रकारों के खिलाफ फर्जी शिकायत मिलते ही
फरीदाबाद (मज़दूर मोर्चा) सन 1951 में निर्मित बादशाह खान अस्पताल की बिल्डिंग को 90 के दशक में जर्जर घोषित करके खाली कर दिया गया था। कायदे से तो इस जर्जर
फरीदाबाद (मज़दूर मोर्चा) दिनांक 5 दिसंबर 2024 से शहर के जाने-माने समाजसेवी सतीश चौपड़ा बीके अस्पताल के बाहर अपने साथियों सहित धरने पर बैठे हैं। बीच में कुछ दिन उन्होंने
फऱीदाबाद (मज़दूर मोर्चा) प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व में भाजपा की ट्रिपल इंजन सरकारें उनके नक्शे कदम पर चलती हुई जुमलेबाजी और झूठे काम कर जनता को मूर्ख बनाने में
फऱीदाबाद (मज़दूर मोर्चा) स्वास्थ्य जैसी आधारभूत नागरिक सुविधा को व्यापारीकरण के नाम पर मुनाफाखोरों के हाथों सौंपने के मोदी-सैनी डबल इंजन सरकारों के जनविरोधी फैसले के परिणाम सामने हैं। बीके
फऱीदाबाद (मज़़दूर मोर्चा) बीके अस्पताल भले ही आने वाले गंभीर मरीजों को इलाज न दे पाए लेकिन उसकी जेब पर डाका डालने के लिए निजी अस्पतालों की तर्ज पर प्राइवेट