डॉ. रामवीर
जो भी सत्ता में आता है हो जाता है वही घमंडी जैसी पहले कांग्रेस थी वैसी ही भाजपा पाखंडी।
जनता को बहला फुसला कर तरह तरह के स्वप्न दिखा कर पा तो ली है तुम ने गद्दी लेकिन झूठ की भी हद कर दी।
जितने वादे किए थे तुमने क्या कोई भी किया है पूरा हां धर्मोन्माद में तुम ने झोंक दिया है देश ये पूरा।
चौबीस घंटे सातों दिन टीवी चैनल कर रहे सिन तरह तरह के भेष में झूठ नाच रहा है ता था धिन।
व्हाट्सैप पर बांटा जाता रोज झूठ का ही परसाद झूठ की ओवरडोज से सच को हो गया लगता है अवसाद।
‘सत्यमेव जयतेÓ के देश में रोज सत्य को पीटा जाता बेशर्मी से खडा मंच पर झूठ मन्द मन्द मुस्काता।