करनाल। करनाल के विवादित महाबीर दल होस्पिटल संस्था का मामला गर्मा गया है, भ्रष्टाचार किए जाने की आशंका जताई है। कमेटी के कई सदस्य ने लगाए गंभीर आरोप, तदर्थ समिति के खिलाफ कानूनी कार्यवाही की मांग की गई हैं। इस मामले के शिकायकर्ता ने आरोप लगाते हुए बताया कि जिला रजिस्ट्रार, फर्म एवं सोसायटी अधिनियम 39 (11) द्वारा दिनांक 11 जुलाई 2024 को अस्पताल के नियमित संचालन एवं संचालन हेतु एक तदर्थ समिति का गठन किया गया था। परन्तु अब तदर्थ समिति का कार्यकाल 10 जुलाई 2025 को समाप्त हो गया है। अत: उपरोक्त परिस्थितियों के मद्देनजर, संस्थान के संचालन हेतु कोई वैध तदर्थ समिति नहीं है। ऐसे में संस्थान में अवैध रूप से कार्य करने से उत्पन्न होने वाले परिणामों के लिए जो भी उत्तरदायी हैं, उनके खिलाफ बीएनएस 2023 के विभिन्न प्रावधानों के अंतर्गत मुकदमा दर्ज कर न्यायिक जाँच की मांग की गई हैं।
इस मामले के शिकायकर्ता का आरोप है कि जब से इन का कार्यकाल समाप्त हुआ है, तभी से ये पद का आनंद ले रहे हैं और खुलकर अवैध भुगतान व संस्थान की दुकानों की पगडिय़ां खा रहे हैं तथा अन्य वित्तीय मामलों को संभाल रहे हैं, जो जालसाजी की श्रेणी में आता है और एचआरआरएस अधिनियम 2012 के उल्लंघन के लिए उत्तरदायी है, जो दंडनीय है। शिकायकर्ता ने मांग की है कि संस्था के सुचारू संचालन हेतु संस्था का प्रभार जिला रजिस्ट्रार, फर्म एवं सोसाइटी को सौंप दें।
सभी आरोप निराधार : तदर्थ कमेटी इधर तदर्थ कमेटी सदस्यों का कहना है कि महाबीर दल होस्पिटल का कार्य बेहद ही ईमानदारी से चल रहा है और जो आरोप लगाएं जा रहे है वो निराधार है। कमेटी का कहना है कि जैसे तदर्थ कमेटी का समय समाप्त होने वाला होता है, तो उसे बढ़ाने या फिर चुनाव कराने बारें पत्र लिखा जाता है। इस बार भी पहले ही कमेटी ने इस संबंध में विभाग को पत्र लिखा हुआ है और जो आदेश आएंगे उसी पर कार्य किया जाएगा।