भारत के विभाजन को लेकर अक्सर 1945 से लेकर 1947 तक की घटनाओं का जिक्र होता है और उसमें गांधी, नेहरू, जिन्ना की भूमिकाओं की चर्चा होती है। लेकिन डॉ.
महेंद्र मिश्र अब मनुस्मृति की बात चली है तो कुछ चीजें मनुस्मृति में जो लिखी हैं उन पर भी नजर दौड़ा लिया जाए। और यह हम किसी कपोलकल्पित किताब या
करनाल (मज़दूर मोर्चा) अंग्रेजी हूकुमत के पिट्ठू एवं हिन्दुत्ववादी संघियों के पूजनीय ‘वीर’ सावरकर पर पिछले दिनों रोहतक जिले के एक बेवकूफ एवं लालची-चापलूस रणदीप हुड्डा ने फिल्म बनाई थी।
आशुतोष कुमार सावरकर की उपलब्धि थी भारत में सांप्रदायिक राजनीति और हिंदू राष्ट्रवाद के मजबूत सिद्धांत का निर्माण करना। उस सिद्धांत को जमीन पर उतारने की व्यवहारिक रणनीति का निर्माण
विजय शंकर सिंह आरएसएस/बीजेपी के आईटी सेल ने 2014 के बाद गांधी जी के बारे में मनगढ़ंत प्रोपेगेंडा अभियान चलाया। बीसवीं सदी के महानतम नायकों में से एक महात्मा गांधी