करनाल (मज़दूर मोर्चा) ‘हूडा’ द्वारा संचालित जिमखाना क्लब में किस तरह से अंधी लूट मची हुई है, इसका एक उदाहरण 11 सितम्बर 2025 को तब सामने आया जब आजाद शर्मा अपने मित्र के साथ खाना खाने वहां गए। खाने से पहले उन्होंने पीने का पानी मांगा तो उन्हें एक बोतल दी गई, जिसका होलसेल रेट 10 रुपये है जिसे दुकानदार 20 रुपए में बेचते हैं। लेकिन ‘हूडा’ के इस क्लब में इसका मूल्य 60 रुपये बताया गया।
इस लूट एवं बेईमानी का कारण पूछने के लिए जब आजाद शर्मा क्लब मैनेजर के पास पहुंचे ते उसने कहा कि यहां तो इतने ही लगेंगे। इस पर आजाद ने पानी के बदले कोल्ड ङ्क्षड्रक मंगा लिया जिसका मूल्य वेटर ने 53 रुपए बताया। मूल्य अधिक देख कर आजाद फिर से मैनेजर के पास गए तो उसने तीन रुपये की रियायतत करते हए 50 रुपए मांगे। जिसकी अदायगी ऑनलाइन कर दी गई। इसके बदले जो बिल मिला वह 49 रुपए का था। इसका अर्थ स्पष्ट है कि चार रुपये मैनेजर की जेब में जाने वाले थे जो घट कर अब एक रुपया रह गया था।
चोरी चाहे छोटी हो या बड़ी, चोरी तो चोरी ही होती है। यह तो मात्र एक उदाहरण है कि सरकारी दुकान का फट्टा लगा कर किस तरह से ग्राहकों को लूटा जाता है। आजाद ने इसकी शिकायत उपायुक्त को की जिसे जांच हेतु डिप्टी एक्साइज एंड टैक्सेशन कमिश्नर को भेज दिया गया। कोई कार्रवाई न होते देख आजाद ने उपायुक्त से सीधे सम्पर्क किया तो उन्होंने सीधे-सीधे कहा कि जब जेब में पैसे न हों तो क्लब में जाना जरूरी है क्या? यदि जाओ भी तो मैन्यू देखकर ऑर्डर किया करो। उपायुक्त का यह जवाब स्पष्ट करता है कि उक्त लूट अकेला मैनेजर नही कर रहा, इसमें खुद उपायुक्त भी शामिल हैं। क्लब द्वारा अफसरों की जो फटीक भुगती जाती हैं, उनकी वसूली आजाद जैसे ग्राहकों से ही की जाती है।