राशन में 115 करोड़ की हेराफेरी, मंत्री ने दिया जांच का आदेश

राशन में 115 करोड़ की हेराफेरी, मंत्री ने दिया जांच का आदेश
May 27 00:45 2025

करनाल। पंचायत भवन में बीते सोमवार को आयोजित जिला लोक संपर्क एवं कष्ट निवारण समिति की बैठक में खाद्य आपूर्ति विभाग के डिपो संचालकों की ओर से राशन में 115 करोड़ की हेराफेरी करने के आरोप लगाए गए।

जन स्वास्थ्य अभियांत्रिकी एवं लोक निर्माण मंत्री रणबीर सिंह गंगवा ने तत्काल डीएफएससी व डिपो संचालकों के खिलाफ जांच के आदेश दे दिए। साथ ही जिला खाद्य एवं नागरिक आपूर्ति नियंत्रक (डीएफएससी) के खिलाफ नोटिस जारी करने के निर्देश दिए गए। मंत्री ने कहा कि सरकार भ्रष्टाचार को बर्दाश्त नहीं करेगी। बैठक में मंत्री ने सबसे पहले एजेंडे में शामिल मामलों की सुनवाई शुरू की। कुल 15 मामलों में से पांच का मौके पर निस्तारण कर दिया गया, जबकि शेष 10 मामलों को संबंधित अधिकारियों को समयबद्ध तरीके से निस्तारित करने को कहा गया। जब रामनगर निवासी मनिंदर सिंह की फर्जी बीपीएल कार्ड बनाकर राशन हड़पने से संबंधित मामले की सुनवाई का मौका आया तो उसने आरोप लगाया कि रामनगर में दो राशन डिपो दो सगे भाइयों ने ले रखे हैं। राशन डिपो में करीब 115 करोड़ रुपये के राशन की हेराफेरी बताई जा रही है। उसने कुछ साक्ष्य भी प्रस्तुत किए। इसी बीच मनिंदर सिंह के आरोपों को शहर विधायक जगमोहन आनंद का भी समर्थन मिल गया।

उन्होंने खाद्य आपूर्ति विभाग की शिकायत को लेकर कई मामले व हेराफेरी की बातें मंत्री को बताईं। इस बार मंत्री ने डीएफएससी को बुलाया, लेकिन वे बैठक में नहीं थे। इस पर उनकी नाराजगी और बढ़ गई। उपायुक्त ने भी पूछा तो बताया गया कि वह छुट्टी पर है। उपायुक्त ने तत्काल एसडीएम करनाल को इस मामले की जांच सौंप दी।
मूनक गांव निवासी रेखा ने बैंक और एलआईसी पर आरोप लगाया कि वह क्लेम नहीं दे रहे हैं। मंत्री ने एलआईसी व बैंक को निर्देश दिए कि एक सप्ताह के अंदर शिकायत का समाधान करें और शिकायकर्ता को बीमा योजना का लाभ दिया जाए अन्यथा उनके खिलाफ कार्रवाई की जाएगी।

सांतड़ी गांव के रमेश चंद्र के घर के ऊपर से 11 हजार वोल्ट की तार के गुजरने के कारण बिजली के कनेक्शन संबंधी शिकायत की। अधिकारियों ने इसकी जांच रिपोर्ट प्रस्तुत की, लेकिन उस पर मंत्री ने असंतोष व्यक्त किया और एसडीएम इंद्री सहित कष्ट निवारण समिति के दो सदस्य महम सिंह व नंदलाल पांचाल को शामिल करके दोबारा जांच के निर्देश दिए। कुचपुरा के लोगों ने राइस मिल से राख व डस्ट उडऩे के कारण गांव वासियों का स्वास्थ्य खराब होने की बात रखी, जिसमें प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड के अधिकारी ने बताया कि फिलहाल ऑफ सीजन के कारण राइस मिलें अस्थाई रूप से बंद हैं।

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Mazdoor Morcha
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