स्कूली बच्चों को बांटे गये टैबलेट्स वापस लेने का आदेश रद्द
फरीदाबाद (मज़दूर मोर्चा) भाजपा की मनोहर सरकार द्वारा 9फरवरी को जारी किया गया वह आदेश, जिसके द्वारा सरकारी स्कूलों में छात्रों को बांटे गये टैबलेट्स तुरन्त वापस लेने के लिये कहा गया था, रद्द कर दिया गया है। विदित है कि सीएम मनोहर लाल खट्टर के जन्मदिन के उपलक्ष्य में पांच मई 2022 को सरकारी स्कूलों के नौवीं, दसवीं, ग्यारहवीं तथा बारहवीं के छात्रों को मुफ्त टैबलेट्स बांट कर अपनी पीठ थपथपाने के साथ-साथ मोटी कमीशनखोरी भी अफसरों व राजनेताओं ने की थी। इसका पूरा विवरण ‘मज़दूर मोर्चा’ के गतांक में प्रकाशित किया गया था।
प्रोपेगेंडा यह किया गया था कि इन टैबलेट्स के द्वारा बच्चे बिना किताबों व अध्यापकों के खुद ही गूगल एवं यूट्यूब से पढ़ाई कर लेंगे। सर्वविदित है कि सरकारी स्कूलों में न तो पर्याप्त अध्यापक है और न ही लाइब्रेरियां, पाठ्य पुस्तकें भी कभी समय पर छप कर नहीं आती। समझा जा सकता है कि इन हालात में कोई बच्चा क्या पढ़ेगा और कैसे पढ़ेगा? इसके ‘समाधान’ के नाम पर उक्त टैबलेट्स बांटने का ड्रामा किया गया था। समस्या का असली समाधान करने की अपेक्षा सदैव इसी तरह के फर्जी समाधान शासक७वर्ग द्वारा किये जाते रहे हैं।
‘मज़दूर मोर्चा’ तो यह दावा नहीं करता कि उसके द्वारा खबर प्रकाशित किये जाने की वजह से सरकार ने थूक कर चाटते हुए अपना फर्मान वापस ले लिया। हां, यह तो कहा ही जा सकता है कि सरकार को अपनी मूर्खता का अहसास जल्द ही हो गया और आदेश को रद्द कर दिया गया। फिलहाल तो नये आदेश में यही कहा गया है कि परीक्षा समाप्त होने के बाद टैबलेट्स वापस ले लिये जायेंगे। लेकिन परीक्षा होने के बाद फिर से एक और नया आदेश इस आदेश को भी रद्द कर देगा।