फऱीदाबाद (मज़दूर मोर्चा) सरकार के तमाम पाखंडों के बावजूद सरकारी महकमों में लाल फीताशाही बढ़ती ही जा रही है। यदि किसी को बिजली कनेक्शन लेना है तो आधार, रजिस्ट्री/ किरायानामा आदि के साथ परिवार पहचान पत्र की प्रति भी लगानी होगी। जब बिजली कनेक्शन व्यक्तिगत है तो परिवार पहचान पत्र लगाने की अनिवार्यता क्यों?
यानी बिजली कनेक्शन लेने से पहले व्यक्ति को परिवार पहचान पत्र बनवाना पड़ेगा। परिवार पहचान पत्र बनवाने के लिए छह अन्य दस्तावेज या प्रमाणपत्र होने जरूरी हैं। व्यक्ति का हरियाणा के पते वाला आधार कार्ड, अपने माता-पिता के आधार कार्ड लगाने होंगे। यदि माता-पिता जीवित नहीं हैं तो उन दोनों का मृत्यु प्रमाण पत्र लगाना होगा। भले ही उनका निधन दशकों पूर्व हो चुका हो। इतने से भी यह तय नहीं होगा कि व्यक्ति और उसके माता-पिता हरियाणा के ही है। इस सबके बावजूद हरियाणा का वोटर कार्ड भी देना होगा। वोटर कार्ड भी व्यक्ति के हरियाणा का निवासी या अधिवासी होने का पर्याप्त सुबूत नहीं माने जाएंगे न ही आधार कार्ड पर दर्ज जन्म तिथि को प्रमाणित माना जाएगा, इसलिए जन्म प्रमाण पत्र भी लगाना होगा।
जन्म प्रमाण पत्र नहीं होने की स्थिति में आठवी, दसवीं या बारहवीं की मार्कशीट की फोटो कॉपी भी लगानी पड़ेगी। संदर्भवश, बताते चलें कि वर्ष 2023-24 में शिक्षा विभाग द्वारा परीक्षा परिणाम के आधार पर छात्रों के आंकड़ों को अपडेट किया गया तो सामने आया कि पहली से ग्यारहवीं कक्षा तक के चार लाख 64 हजार बच्चों ने पढ़ाई छोड़ी। साक्षरता दर के आधार पर लगभग 25 प्रतिशत जनसंख्या अभी भी शिक्षा से दूर हैं। यानी ऐसे बच्चे आठवीं, दसवीं का प्रमाण पत्र कहां से लाएंगे। इस सबके बाद भी शहर में रहने वाले को प्रॉपर्टी आईडी भी लगानी होगी। बताते चलें कि प्रॉपर्टी आईडी बनाने वाली खट्टर के संघी दोस्त की याशी कंसल्टेंसी कंपनी पूरे प्रदेश में फर्जी प्रॉपर्टी आईडी बना कर 57 करोड़ लेकर भाग गई। परिवार पहचान पत्र बनवाने के लिए पहले प्रॉपर्टी आईडी दुरुस्त कराने में नगर निगम के खाऊ अधिकारियों को हजारों रुपये भेंट करने होंगे।
यानी एक किलोवाट का बिजली कनेक्शन लेने के लिए पहले फैमिली आईडी बनवाने की लंबी चौड़ी कवायद पूरी करे, इसके बाद बाकी दस्तावेज लगाए तब कहीं जाकर आवेदन स्वीकृत होगा। ये शर्तें केवल बिजली कनेक्शन लेने के लिए ही नहीं हैं बल्कि सारे सरकारी महकमों में अनिवार्य की जा चुकी हैं। स्कूल में बच्चे को एडमिशन दिलाना हो, राशन कार्ड बनवाना हो या सरकार की किसी स्कीम का लाभ लेना हो परिवार पहचान पत्र अनिवार्य है। नागरिकों की पहचान के लिए आधार कार्ड काफी नहीं था जो अब परिवार पहचान पत्र की अनिवार्यता भी लाद दी।