मनीष आजाद कृपालु , प्रजापालक, एंटायर फ़ारसी, कुरान, एस्ट्रोनमी, गणित, विज्ञान, इकॉनमिक्स का ज्ञाता था। 19-19 घण्टे सोचता कि प्रजा का भला कैसे हो। तो बारी बारी “शबका भला-शबका विकास”
मनीष आजाद दोस्तों, अभी अभी मेरे पास मैसेज आया है, कि यूनेस्को ने भारत के चुनाव आयोग को, विश्व का सबसे दयालु चुनाव आयोग घोषित किया है। देश के 90
मनीष आजाद अनुसार अमेरिकी राष्ट्रपति डोलैण्ड ट्रम्प के इनॉगरेशन में आमन्त्रित न किये जाने से बुरी तरह खफा प्रधानमंत्री मोदी ने अमेरिका को करारा झटका दिया है। सूत्रों से मिली
मनीष आजाद भारत द्वारा एक झटके में लाखों भारतीय अप्रवासियों को वापस बुला लेने का दांव अमेरिका को गहरी चोट दे गया है। ट्रम्प प्रशासन द्वारा किसी तरह से भारत
मनीष आज़ाद अतीत को न्याय दिलाने वाले इस ‘राष्ट्रीय खोदो-पाड़ो अभियान’ में आखिरकार मैं भी शामिल हो गया फावड़ा लेकर मैं निकल पड़ा अतीत की ओर… खोदते खोदते जब मैं
मनीष आजाद ऐसी, कि एक तरफ से खंजर से हमला हो, दूसरी ओर से सिर पर कुल्हाड़ी का वार, हर तरफ से हर तरफ से लात-घूंसे, लाठियां और गालियां !!!
मनीष आजाद बहुत से लोग दाएं हाथ से लिखते हैं लेकिन कुछ लोग बाएं हाथ से भी लिखते हैं.. दाएं हाथ से लिखने वालों का तर्क था कि बाएं हाथ