लौट रही है द्रौपदी!

लौट रही है द्रौपदी!
July 28 06:31 2024

मणिपुर में दुर्योधन की छप्पन इंची छाती फाड़ कर
लौट रही है द्रौपदी! अभी अभी एक स्वप्न देखा है
मणिपुर में दुर्योधन की छप्पन इंच छाती फाड़ कर
लौट रही है द्रौपदी! बाल खुले हैं उसके
रथ अपना हांक रही है स्वयं!

मणिपुर के वैष्णव सरोवर में उसने धोए हैं
अपने बाल शकुनी के रक्त से!

वैष्णव सरोवर का जल रक्त वर्ण हो गया है!
दु:शासन की जांघ तोड़ कर चीख रही है द्रौपदी
उसने युधिष्ठिर का हाथ जला दिया है उसके पासों के साथ हस्तिनापुर की राज सभा में।
हाहाकार कर रहे हैं सभासद
कि यह नियम भंग हुआ है! द्रौपदी अपने नियम बना रही है!

द्रौपदी ने कृष्ण को नहीं पुकारा सभासदों के मुंह पर थूका
और धृतराष्ट्र को धिक्कारा!

भीष्म गंगा में डूब कर आत्म हत्या कर चुके हैं
अर्जुन और भीम ने छोड़ दिया है अस्त्र शस्त्र! द्रौपदी नहीं है राज्य!
स्वप्न टूटा नहीं दृश्य बदल गया! द्वापर से त्रेता में पहुंच गया।

रावण के दस सिर और बीस भुजा उखाड़ कर फेक दिया है समुद्र में सीता ने
लंका को आग लगा कर जला रही है स्वयं!
पुष्पक विमान छोड़ कर अकेले लौट आई है अयोध्या!
शंबूक को जन्म दिया है सीता ने रघुवंश में!

वशिष्ठ और अरुंधति उसके जन्म पर
सोहर गा रहे हैं! अवध में भारी कोलाहल है
अनर्थ हो रहा है! सीता राज्य में धरती फट गई है!

जिसे दु:खी होना था वह धरती में समा गया है!
इंद्रप्रस्थ में आग लगी है फटी छाती वाले दुर्योधन को
व्यास सरोवर में डुबा कर कौरवी सेना भाग गई है!

राम की प्रतीक्षा भी नहीं है अवध की प्रजा को!
अभी अभी एक स्वप्न देखा है!

  Article "tagged" as:
  Categories:
view more articles

About Article Author

Mazdoor Morcha
Mazdoor Morcha

View More Articles