डॉ. रामवीर
जिन लोगों ने देशभक्ति को भी अपना व्यापार बनाया हर मौके पर सच्चाई का बेशर्मी से गला दबाया।
ऐसे जन जब गला फाड़ कर बोलें भारत माता की जय सोचो भारत माता को तब होता होगा कितना विस्मय।
एक चित्र भारत माता का कभी बनाया चित्रकार ने उसी चित्र को असली माता मान लिया है सरकार ने।
‘भारत माता ग्रामवासिनी गा गए सुमित्रानन्दन पन्त उसे इवेंट जीवियों ने अब पूरी तरह भुलाया हन्त।
देशद्रोही जब देशभक्त का ओढ लेता है नकली बाना तो आसां हो जाता देश को बहकाना औ मूर्ख बनाना।
राजनीति की उलटबांसियों का है आया हुआ जमाना न खाऊंगा न खाने दूंगा कह कर देश का माल उडाना।
अब भी समय है जाग सको तो जागो और बचा लो देश नहीं तो सारा माल लाद कर भक्त भाग जाएंगे विदेश।
उसके बाद फिर भले कोट्र्स में चलते रहें केस पर केस ठग नेता भी नए वेष में खेलने लगेंगे सियासी चेस।