हिन्दूत्ववादी गुंडा बिट्टू बजरंगी बन गया पुलिस, पुलिस बन गई तमाशबीन

हिन्दूत्ववादी गुंडा बिट्टू बजरंगी बन गया पुलिस, पुलिस बन गई तमाशबीन
April 07 15:55 2024

फऱीदाबाद (मज़दूर मोर्चा) पुलिस आयुक्त और उनके मातहतों पर सत्ता का इतना खौफ है पूर्व सीएम खट्टर का चहेता बिट्टू बजरंगी निजी अदालत लगाकर एक युवक को सिपाही के सामने पीटता रहा, और पुलिस कर्मी उसे रोकने की हिम्मत नहीं जुटा सका। सुप्रीम कोर्ट का आदेश, आपत्तिजनक वीडियो वायरल करने वाले व्यक्ति के खिलाफ पुलिस स्वत: संज्ञान लेकर केस दर्ज करेगी, भी सत्ता के डर के कारण सारन थाना इंचार्ज संग्राम सिंह लागू नहीं कर पा रहे। केस दर्ज करने के बजाय उल्टे उन्होंने बिट्टू से मिन्नत की कि उसने जो वीडियो सोशल मीडिया पर डाला है कृपा कर हटा ले। मीडिया में मामला उछलने पर बिट्टू के खिलाफ दिखावे के लिए मारपीट की धाराओं में तो केस दर्ज कर लिया गया है, जैसी फर्जी जांच उसके खिलाफ नूंह दंगे की हो रही है, इस मामले में वैसी भी नहीं होगी। हां श्यामू के खिलाफ पोक्सो एक्ट के तहत केस दर्ज कर उसे गिरफ्तार कर पुलिस ने अपने मुस्तैद होने का परिचय दिया है।

सत्ता की शह पर धार्मिक दंगे भडक़ाने, गोरक्षा के नाम पर पशु पालकों के जानवर लूटने, हिंसा-मारपीट करने वाले बिट्टू बजरंगी के भाई की मौत के बाद सीएम खट्टर के आशीर्वाद से पुलिस आयुक्त ने उसे सुरक्षा मुहैया कराई हुई है। पुलिस सुरक्षा मिलने से खुद को कानून से ऊपर समझने वाला बिट्टू बजरंगी और भी हिंसक हो गया है कि वह सिपाहियों के सामने ही किसी को बंधक बनाकर बुरी तरह से पीटने लगता है। एक अप्रैल को भी उसने सरूरपुर में रहने वाले दैनिक मजदूर श्यामू को बंधक बना कर लाठियों से पीटा।

बजरंगी के सरूरपुर में रहने वाले गुर्गे श्यामू को पकड़ लाए थे। इन लोगों को शक था कि श्यामू पड़ोस में रहने वाले परिवार की दो बच्चियों को टॉफी देकर बहाने से अपने कमरे में ले जाकर उनसे गलत हरकत करता। बजरंगी ने आव देखा न ताव युवक को जमीन पर पटका, गुर्गों ने हाथ पकड़े और बजरंगी ने लाठी से उसको बुरी तरह पीट दिया। पुलिसकर्मी का पहला कर्तव्य होता है कि यदि उसके सामने हिंसा हो तो उसे रोके लेकिन बिट्टू की सेवा में लगा सिपाही उसे रोकने के बजाय अपना फर्ज भूल मूकदर्शक बन ड्यूटी पर सिगरेट फूंकता रहा। जिस तरह आतंकवादी समाज में भय व्याप्त करने के लिए हिंसा का वीडिया वायरल करते हैं उसी तरह क्षेत्र में दहशत फैलाने के लिए बिट्टू ने भी युवक को पीटने का वीडियो वायरल कर दिया। सारन थाना इंचार्ज केस दर्ज करने के बजाय बिट्टू की मिन्नत-चिरौरी करते रहे।

पुलिस आयुक्त राकेश आर्य को मामले की जानकारी न हुई हो ये मुमकिन नहीं है, बावजूद इसके उन्होंने बिट्टू की सुरक्षा में लगे सिपाही और आईटी एक्ट में केस न दर्ज करने के लिए सारन थाना इंचार्ज संग्राम सिंह पर कोई अनुशासनात्मक कार्रवाई करना उचित समझा, कम से कम इन पुलिसकर्मियों को कारण बताओ नोटिस ही जारी कर देते। कानून व्यवस्था के नाम पर वाहनों के चालान का रिकॉर्ड बना कर पीठ थपथपाने वाले पुलिस आयुक्त भी सत्ता समर्थित गुंडे बजरंगी के खिलाफ विभिन्न थानों में दर्ज अनेकों मुकदमों के बावजूद उसे दुष्चरित्र व्यक्ति तक घोषित करने की हिम्मत नहीं कर पा रहे हैं।

कानून व्यवस्था के लिए चुनौती बन चुका बिट्टू कोई कार्रवाई न होने के कारण केस दर्ज होने से नहीं डरता, उसे मालूम है कि सत्ता में बैठे आका उसके ऊपर जांच की आंच नहीं आने देंगे, चाहे वो खुलेआम पुलिस को कानून व्यवस्था बिगाडऩे की धमकी दे, हाजी जमात अली के पशु लूटे, नूंह में दंगे भडक़ाए, शामू को मारे। शामू को सरेआम पीटने के केस में भी कुछ होने वाला नहीं क्योंकि पुलिस ने श्यामू पर पोक्सो एक्ट में केस दर्ज किया है। अब अगर उसे बचना है तो बिट़्टू के खिलाफ मुंह नहीं खोलेगा, यदि मुंह खोला तो उस छेड़ख़ानी के लिए पोक्सो एक्ट में सजा भुगतेगा।

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Mazdoor Morcha
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