फऱीदाबाद (मज़दूर मोर्चा) भ्रष्टाचार में माहिर धनेश अदलखा की असलियत यूं तो पहले भी छिपी भी नहीं भी लेकिन उसके विधायक बनने के बाद अब ज्यादा ही खुलकर सामने आने लगी है। जनता के वोट से विधायक बना अदलखा जनता के नहीं बल्कि अपने भूमाफिया, बिल्डर, पूंजीपतियों के हित में काम करने में जुटा हुआ है। नीलम-बाटा रोड पर बनाए जा रहे शोरूम के मालिकों द्वारा चुनाव में की गई धन-बल की मदद के बदले अदलखा ने पहले तो गरीबों को उजड़वाया फिर आनन-फानन सड़क, फुटपाथ और स्लिप रोड बनवा डाले। भ्रष्टाचारी अदलखा ने यहां भी विकास कार्याेें के नाम पर लूट कमाई और कमीशनखोरी के रास्ते तलाश लिए। सारी प्रक्रियाओं को धता बताते हुए अदलखा ने अपने चहेते ठेकेदार योगेश को ठेका दिलवा दिया। कमीशनखोर अधिकारी भी काम की गुणवत्ता जांचें बिना ही भुगतान करने को आतुर रहते हैं और जब भ्रष्टाचारी अदलखा का साथ हो तो फिर जनता के धन की बंदरबांट में कोई डर नहीं रह जाता।
नीलम बाटा रोड पर एक इमारत का निर्माण लंबे अर्से से रुका हुआ था क्योंकि रास्ता न होने और बेशकीमती इमारत के सामने विकलांग का बूथ आने से इसकी कीमत पर प्रभाव पड़ रहा था। इस जमीन के मालिकों ने भ्रष्टाचारी धनेश अदलखा से संपर्क किया और चुनाव में जमकर मदद की। चुनाव जीतते ही अदलखा ने इमारत की राह में आने वाली सारी बाधाएं समाप्त करवाने और पहुंच के लिए सड़क बनवाने का वादा किया था। अदलखा का आशीर्वाद मिला तो आनन फानन इमारत बनवा डाली गई। मार्च में इमारत लगभग पूर्ण हो गई तो मालिकों ने अदलखा को चढ़ावा चढ़ाया और रास्ता साफ कराने की गुहार लगाई। इसी के मद्देनजर बीती 16 मार्च को अदलखा खुद नगर निगम का तोडफ़ोड़ दस्ता लेकर पहुंचा और विकलांग बूथ मालिक के परिजनों की सुनवाई किए बिना ही बूथ तुड़वा दिया। इतना ही नहीं अदलखा ने लेबर चौक के पास स्थित चाय की दुकानें व अन्य अतिक्रमण भी हटवा दिए।
पूंजीपति समर्थक के लिए अदलखा यहीं तक नहीं रुका। उसने तुरंत एडीसी को डी प्लान के तहत इस जगह पर एक सप्ताह में इंटरलॉकिंग सड़क, और कर्ब स्टोन वाले फुटपाथ के साथ इमारत तक स्लिप रोड बनाने का आदेश दिया। अदलखा ने ये सारे काम डी प्लान से इसलिए कराए क्योंकि नगर निगम से कराने में अड़चन आ रही थी। जानकारों के अनुसार नीलम बाटा रोड नगर निगम द्वारा 102 करोड़ में बनवाई गई पेरीफेरल रोड प्रोजेक्ट का हिस्सा है। इस प्रोजेक्ट में ही फुटपाथ, इंटर लॉकिंग आदि बनाई जानी थी। गूजर-सीमा त्रिखा का चहेता ठेकेदार गांधी आधा अधूरा काम छोड़ कर पैसा लेकर चलता बना था। ये सारे बचे हुए काम पेरीफेरल रोड प्रोजेक्ट में ही पूर्ण कराए जाने हैं। ऐसे में नगर निगम के अधिकारी नया टेंडर जारी कर अपनी गर्दन नहीं फंसाना चाह रहे थे। भ्रष्टाचारी अदलखा ने इसका रास्ता निकाला और जनहित के नाम पर सरकारी धन से अपने बिल्डर दोस्त की इमारत तक स्लिप रोड, फुटपाथ आदि बनवाने का फरमान सुना डाला।
अदलखा ने इस काम का ठेका भी बल्लबगढ़ निवासी अपने चहेते ठेकेदार योगेश को दिलवा दिया। जाहिर है कि योगेश ने ठेका दिए जाने का शुकराना अदलखा को और नजराना एडीसी कार्यालय को पहुंचाया तभी तो एक हाथ दे दूसरे हाथ ले वाले अंदाज में ठेका दिया गया। एडीसी कार्यालय सूत्रों के अनुसार इस काम के लिए टेंडर प्रक्रिया नहीं अपनाई गई, और कई वर्क ऑर्डर जारी कर दिए गए। ठेकेदार ने चार दिन में ही सारा काम कर डाला और अधिकारियों ने कार्य की गुणवत्ता परखने की भी जरूरत नहीं महसूस की। जानकारों के अनुसार यदि जांच कराई जाए तो घटिया निर्माण सामग्री पाई जाएगी लेकिन भाजपा के सदाचारी राज में भ्रष्टाचार की जांच कराया जाना नामुमकिन लगता है।