हूडा में चल रहा उगाही का खेल

हूडा में चल रहा उगाही का खेल
September 27 14:12 2025

फऱीदाबाद (मज़दूर मोर्चा) आर्किटेक्ट से मिलीभगत कर हूडा के हरामखोर अधिकारी सेक्टरों से लेकर मार्केटों में जमकर अवैध निर्माण होने दे रहे हैं। हालात यह हैं हूडा में पैसा फेक तमाशा देख की तर्ज पर कोई भी व्यक्ति मोटा चढ़ावा चढ़ा कर अवैध निर्माण कर सकता है। यदि हूडा अधिकारियों की अनुमित के बिना अवैध निर्माण किया गया है तो हाल ही में डेढ़ लाख रुपये रिश्वत लेते रंगे हाथ पकड़े गए जेई नरेश जैसे अधिकारी खुद ही वसूली करने पहुुंच जाते हैं।

वर्तमान में अवैध निर्माण का खेल सेक्टर 21 सी मार्बल मार्केट में चल रहा है। यहां हूडा के बिल्डिंग बायलॉज को किनारे रख कर अनेक अवैध निर्माण धड़ल्ले से किए जा रहे हैं। मार्बल मार्केट में हूडा ने 27 गुणे 81 फीट के प्लॉट काटे हैं। नियमानुसार इन प्लॉटों में 27 गुणे 30 फीट का बेसमेंट बनाने की अनुमति है वह भी नक्शा पास कराने के बाद। हूडा में पैसा फेकने के बाद यहां कई जगहों पर सौ प्रतिशत यानी 27 गुणा 81 फीट में बेसमेंट खोदे और बनाए जा रहे हैं। यहां के 27 गज बूथ वाले कई लोगों ने बूथ के आगे सौ गज तक जमीन पर न केवल अतिक्रमण कर रखा है बल्कि अतिरिक्त जमीन को मोटे किराए पर उठा कर वसूली कर रहे हैं। मार्केट में यह धांधली खुलेआम इसलिए चल रही है कि हूडा के निकम्मे अधिकारी यहां का हाल जानने कभी आते ही नहीं। आएं भी क्यों जब आर्किटेक्ट खुद ही सारा काम कर उन तक मोटे नजराने पहुंचा देता है, अधिकारी भी खुश और अवैध निर्माणकर्ता भी खुश। 27 गुणे 12 फीट की दुकानों के छज्जे बनाने पर कंपाउंड फीस भरने का प्रावधान है लेकिन अधिकारियों की जेब में फीस से काफी कम रकम डाल कर बेखटके छज्जे बनाए जा रहे हैं। मनमाने ढंग से बनाई जा रही दुकानों में डीपीसी भी बराबर नहीं है, जिसको जितनी ऊंचाई पर डीपीसी बनाने का मन है बना रहा है।

सिर्फ सेक्टर 21 की मार्केट ही नहीं नहर पार हुडा से सेक्टरों का हाल तो और भी बुरा है। यहां दुकानदारों ने तो स्लिप रोड और दुकान के बीच की ग्रीन बेल्ट के बीच की पूरी जमीन पर कब्जा जमा रखा है। सेक्टर 21 में तो हूडा की ग्रीन बेल्ट पर पूरी सब्जी मंडी ही चलती है। जाहिर है कि दुकानदारों से वसूली की जाती है। सच्चाई यह है कि हूडा के सेक्टर 11, 15,16,17, 21ए, बी, सी व डी और सेक्टर 46 सहित सारे सेक्टरों में धड़ल्ले से अतिक्रमण, अवैध निर्माण, एफएआर का उल्लंघन हो रहा है। नर्सिंग होम साइट पर भवन कंप्लीशन सर्टिफिकेट का खेल खेला जा रहा है। कंप्लीशन सर्टिफिकेट मिलने के बाद तो आर्किटेक्ट महोदय अपने हिसाब से अवैध निर्माण करवाते हैं।

एसडीओ राजपाल का फोन अधिकतर समय स्विच ऑफ रहता है, यानी अवैध निर्माण की शिकायत कोई तुरंत उनसे नहीं कर सकता। जानकार बताते हैं कि विजिलेंस की गिरफ्त में आए जेई नरेश ने पूछताछ में उगला है कि मोटी रकम किन अधिकारियोंं के बीच बंदरबांट की जाती थी, बताया जा रहा है कि इसके बाद से ही एसडीओ राजपाल फोन फ्लाइट मोड पर कर अंडरग्राउंड हैं। यह भी बताया जा रहा है कि राजपाल ने आम जनता के लिए जो फोन नंबर रखा है उसे बंद रखता है और आर्किटेक्ट, बिल्डरों से डीलिंग के लिए अलग फोन रखा है यानी जनता का काम जाए भाड़ में, नजराना देने वालों के काम में रुकावट न आए। अब देखना यह है कि विजिलेंस में छोटी मछली जेई नरेश के बाद हूूडा सर्वे ब्रांच के मगरमच्छ भी फंसेंगे या फिर यह जांच भी ठंडे बस्ते में चली जाएगी।

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Mazdoor Morcha
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