धर्मध्वजी कुपढ संन्यासी…

धर्मध्वजी कुपढ संन्यासी…
August 10 14:06 2025

डॉ. रामवीर

धर्मध्वजी कुपढ संन्यासी
दे रहे हैं व्याख्यान
मानव द्वारा मानवता का
हो रहा है अपमान।

महामूढ हठी अनपढ भी
कहलाते विद्वान्
बदल रहे हैं आज देश में
सारे ही प्रतिमान।

अब तो बन्द करो यह गन्दी
नफरत की दूकान
कहीं स्वयं ही जला न बैठो
तुम अपना ही मकान।

क्रोध और मद भी मानव को
कर देता है अन्धा
आंख भले हों लेकिन फिर भी
देख न पाता बन्दा।

अपनी समझ से तो वे देश का
कर रहे हैं उपकार
पता नहीं है बेचारों को
हो रहा बंटाढार।

किसे कहें किसको समझाएं
कहां लगाएं गुहार
जब विकास विनाश में अन्तर
कर न पाए सरकार।

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