डॉ. रामवीर देशभक्ति औ राष्ट्रवाद का जो करते हैं दिखावा उनका आचरण बतलाता है झूठा उनका दावा।
अपने मुंह अपनी ही प्रशंसा करने वाला नेता अपने हास्यास्पद होने का ही सबूत है देता।
आज ये दिन है आज वो दिन है किसी न किसी बहाने करना कुछ नहीं बस इनको तो अपने मंच सजाने।
ये इवेंटबाजी में माहिर करते रहते इवेंट्स इनकी बेहूदा इवेंट्स पर वृथा है करना कमेंट्स।
धर्म जाति भाषा या इलाके की बातों के सहारे फूट डालते हैं औ लगाते देशभक्ति के नारे।
देश किसे कहते हैं एवं क्या होती है भक्ति दोनों को ही नहीं जानते लक्ष्य है बस पदप्राप्ति।
पद पा कर जो कर न पाएं अपने वचन का पालन ऐसे नेताओं का पद से वांछित है उन्मूलन।
सब अपना कर्तव्य निभाएं त्यजें लोभ औ लालच लोकतन्त्र में लोक हितैषी लोग ही होवें नायक।
लोगों से ही देश बना है जैसे वन और वृक्ष लोक विरोधी देशभक्त नहीं यह है सबके समक्ष।