back to homepage

लेख

कटाक्ष/भागवत जी, आप भी…!

राजेंद्र शर्मा ये क्या अपने मोदी साहब के साथ सरासर चीटिंग नहीं है? माने चीटिंग हो नहीं गयी है। मोदी साहब के साथ चीटिंग इतनी ही आसान है क्या? मोदी

Read More

भारत माता एक बार फिर विवादों के घेरे में

राम पुनियानी सन 2016 में आरएसएस सरसंघचालक मोहन भागवत ने कहा था कि अब समय आ गया है जब हमें हमारी नई पीढ़ी को हर महत्वपूर्ण मौके पर भारत माता

Read More

भारत में यूरोपीय ढंग के राष्ट्रवाद की विकास यात्रा

राम पुनियानी इन दिनों ‘दि इंडियन एक्सप्रेस’ में हिंदू राष्ट्रवाद के उदय एवं प्रभुत्व पर योगेन्द्र यादव, सुहास पलसीकर एवं अकील बिलग्रामी जैसे मेधावी समाज विज्ञानियों के अत्यंत गहन विचार

Read More

मुसलमान, एक समस्या

हिमांशु कुमार हमारी एक परिचित महिला हैं । बड़ी जाति की हैं अमीर हैं एक गांधीवादी संस्था की प्रमुख हैं । उन्होंने बताया कि उन्हें बड़ी समस्या हो रही है

Read More

पृथ्वी की माप

शमी उद्दीन अंसारी सन् 1017 का एक साफ़ चमकीला दिन था, उस दिन हवा रुकी हुई थी और नन्दन क़िले से दूर, बहुत दूर क्षितिज साफ़ नजऱ आ रहा था।

Read More

धार्मिक स्वतंत्रता की अनदेखी और ‘एकात्म मानववाद’ को बढ़ावा

राम पुनियानी पिछले चार दशकों के दौरान भारत में धार्मिक अल्पसंख्यकों को निशाना बनाने और डराने-धमकाने की प्रवृत्ति लगातार बढ़ती गई है. बाबरी मस्जिद के ढ़हाए जाने के बाद मुंबई

Read More

कुंभ स्नान में पानी बना मुद्दा विज्ञान बनाम छद्म विज्ञान

डॉक्टर महेंद्र सिंह आजकल कुम्भ के बरक्स गंगाजल की शुद्धता को लेकर खूब बहस हो रही है। जो उसे अशुद्ध मानते हैं उनके अपने तर्क हैं वह भी एक सरकारी

Read More

महाकुंभ 2025 : योगी आदित्यनाथ ‘गिद्ध’ और ‘सूअर’ तक क्यों आ पहुंचे?

कृष्ण प्रताप सिंह कुंभ में गिद्धों को लाशों और सूअरों को गंदगियों की ‘सौगातें’ किसकी कृपा से मिलीं? वह सरकार, जिसने भगदड़ के शिकार हुए निर्दोष श्रद्धालुओं की लाशों को

Read More

भारत के हिन्दू राष्ट्रवाद ने इस्लाम और ईसाई धर्म के “विदेशी” होने का खड़ा किया हौवा ताकि साबित हो जाये कि आर्य इस भूमि के हैं मूलनिवासी

राम पुनियानी भाजपा के नेतृत्व वाली केन्द्र सरकार ने देश के 12,000 साल पुराने इतिहास का दस्तावेजीकरण करने के लिए एक समिति बनाई है. जब डीएनए व आनुवांशिकी अध्ययनों से

Read More

कहानियों में जीना-मरना

रमेश कुमार कहानी के पीछे पगलाए घूमना हर किसी के मिजाज में नहीं होता। न जाने कितनी बार मैंने अपने भाइयों के पैर दबाए, उनसे किसी फिल्म की कहानी सुनने

Read More