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लेख

और अब नितिन गडकरी, जिसने जुबां चलाई वही काम से गया

बादल सरोज इन दिनों केंद्रीय मंत्री और खांटी नागपुरिये नितिन गडकरी बहुतई भड़भड़ाये हुए हैं। धड़ाधड़ ट्वीट पर ट्वीट कर बिलबिला रहे हैं कि “कुछ लोगों द्वारा दुष्ट राजनीतिक इरादों

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एक चुनौती है गरीब किसान-मजदूर की आत्महत्या

स्वराजबीर देश के दिहाड़ी मजदूरों की आत्महत्याओं के आंकड़े, उनकी दर्दनाक हालात बयान करते हैं। राष्ट्रीय अपराध रिकॉर्ड ब्यूरो के हाल ही में 2021 के जारी किए आंकड़ों के अनुसार,

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सुरक्षा के लिए घातक हो सकता है एयरपोर्ट से सीआईएसएफ को हटाना

विजय शंकर सिंह यह भी एक विडंबना है कि, सरकार को, 1980 से लंबित पड़ी, धर्मवीर कमीशन की रिपोर्ट जो पुलिस सुधार के बारे में है, को सुप्रीम कोर्ट के

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फ़ारसी में रामायण

असगर वजाहत लम्बे समय तक फारसी और अरबी भाषाओं के माध्यम से भारत की रचनात्मकता और ज्ञान को संसार तक पहुंचाने का काम किया गया था। पंचतंत्र का किसी विदेशी

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एक सपने का अंत

गोर्बाचेव के साथ जो कुछ चला गया प्रिया दर्शन यह 1985 का साल था। इंटरमीडिएट में पढ़ते हुए मैंने तीस रुपये में सात रूसी किताबें खरीदी थीं- चेखव का कहानी

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केंद्र ने पेगासस जांच कमेटी से सहयोग क्यों नहीं किया

रवीश कुमार इस कमेटी ने अपनी रिपोर्ट में कहा है कि भारत सरकार सहयोग नहीं कर रही है। अब इस पर सोलिसिटर जनरल तुषार मेहता कहते हैं कि उन्हें जानकारी

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राजनीतिक चंदे में पारदर्शिता के बगैर नहीं लाया जा सकता है सार्वजनिक जीवन में भ्रष्टाचार पर अंकुश

विजय शंकर सिंह 2014 का चुनाव भ्रष्टाचार के मुद्दे पर लड़ा गया था क्योंकि इंडिया अगेंस्ट करप्शन आंदोलन की जड़ में, तत्कालीन यूपीए सरकार पर, भ्रष्टाचार के विभिन्न आरोपों के

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बहस-तलब : हंगामा और विरोध तब क्यों नहीं जब आरोपी सजातीय हों?

विद्याभूषण रावत दलित महिलाओं या दलितों पर हमले पर लोग तभी बोलेंगे जब आरोपी गैर-दलित होंगे। यदि आरोपी गैर-दलित नहीं होता है तो लोगों की प्रतिक्रिया बदल जाती है। मैंने

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अब क्या संविधान नहीं, मनुस्मृति के रास्ते चलेगा देश?

राम पुनियानी भारत में जिस राजनैतिक व्यवस्था को हमने चुना है उसमें विधायिका कानून बनाती है, कार्यपालिका उन कानूनों के अनुरूप देश की शासन-व्यवस्था का संचालन करती है और न्यायपालिका

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फिल्मी कहानियों से अलग दशरथ मांझी की हकीकत..

सनाउल्लाह अहमद रिजवी महादलित समाज से आने वाले इस शख्सियत को फिल्मकारों ने अपने हिसाब से उनकी कहानी को भुनाया और करोड़ों कमाई की मगर उनका परिवार आज भी झोपड़ी

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