शरद कोकास यही कोई दस बारह साल उम्र रही होगी मेरी जब बाबूजी एम एड कर रहे थे । मैं उनके लिए राइटर का काम करता था । उनका विषय
सत्यवीर सिंह एक हाथ में लाल झंडा, दूसरे हाथ की मुट्ठी दृढ़ता से बंधी हुई, चहरे पर आक्रोश और जुबां पर ‘इंक़लाब जिंदाबाद’; हद्दे-नजऱ तक, अनुशासित क़तार बद्ध, बे-खौफ़; दिल्ली
भंवर मेघवंशी कौन से युग ,किस सदी , किस कालखंड में ,सहिष्णु थे आप ? देवासुर संग्राम के समय ? जब अमृत खुद चखा और विष छोड़ दिया उनके लिए
डा. बाबासाहेब भीमराव अम्बेडकर ने 14 अक्तूबर 1956 को पाँच लाख अनुयायियों के साथ नागपुर (दीक्षाभूमि) में हिन्दू धर्म त्याग कर बौद्ध धर्म ग्रहण किया था। उसी दिन उन्होंने पहले
सत्यवीर सिंह बाक़ी मामलों की ही तरह, देश में शिक्षा का सत्यानाश करने की शुरुआत 2014 में मोदी सरकार आने के बाद से नहीं हुई. इसकी शुरुआत तो, कांग्रेस के
प्रो. राजेन्द्र प्रसाद सिंह, भाषा वैज्ञानिक अंग्रेजी में शब्द दस हजार हैं और आज साढ़े सात लाख पहुंच गए हैं, यानी कि सात लाख चालीस हजार शब्द बाहर से आए.
असगर वजाहत भारतीय मुसलमानों पर लिखने से पहले यह साफ कर देना जरूरी है कि जिस तरह कोई एक भारतीय खाना नहीं है,एक भारतीय संगीत नहीं है, एक भाषा नहीं
बीजेपी की विचारधारा इस्लाम और ईसाई धर्म को विदेशी मानती है और इसीलिए इन धर्मों के मानने वालों के खिलाफ नफरत फैलाती है। इसके उलट, गांधी, नेहरु, बोस और अन्य
सत्यवीर सिंह सभी पाठकों को विदित ही है, कि फरीदाबाद के थाना एनआईटी पांच नम्बर के पास वाले विख्यात ‘शहीद भगतसिंह चौक’ का जीर्णोद्धार हुआ और इस बहाने उसका नाम
प्रयागराज के महंत नरेंद्र गिरि की शिष्य के ब्लैक मेल के चलते आत्महत्या से मृत्यु के एक साल बाद सीबीआई/पुलिस ने उनके कमरे को खोला है, जहां से तीन करोड़