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लेख

किसी भाषा से नफरत नहीं की जा सकती

मेहजबीं मेरी अम्मी बिहार दरभंगा से थीं। और अब्बा यूपी सहारनपुर से। दोनों की ज़बान बिल्कुल अलग थी। उन दोनों को बातें करते हुए कोई दिक्कत नहीं होती थी। वो

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हिंदी एक फलती फूलती भाषा है…

डॉ0 अनिल उपाध्याय आज समूचे देश में हिंदी दिवस मनाया जा रहा है। हिंदी दिवस आजकल एक पखवाड़े तक चलने वाला सरकारी आयोजन बनकर रह गया है। वे लोग जो

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जजिया-घृणित कर, क्या सचमुच?

मनीष सिंह जजिया, इस्लामी शासन के दौरान, हिन्दुओ पर होने वाले अत्याचार का प्रतीक है। हिन्दुओ को जिंदा रहने के लिए जजिया देना पड़ता था। जजिया लगाने वाले शासक बुरे

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राष्ट्रपिता महात्मा गांधी की हत्या पर विनोबा की वेदना

30 जनवरी, 1948 को महात्मा गांधी की कायरतापूर्ण हत्या होने के बाद उनके बेहद करीबी सहयोगी और संत विनोबा भावे बेहद दुखी ही नहीं, ‘लज्जित’ भी थे. लेकिन क्यों? बापू

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न्यूज़ नेशन में दस साल काम करने के बाद इस्तीफ़ा देने वाले पत्रकार अनिल यादव ने चैनल और यूपी सरकार पर लगाए गम्भीर आरोप

न्यूज़ नेशन को 2012 में ज्वाइन किया थाज्.लगभग 10 साल हो गए 2014-15 में रिपोर्टिंग करने लखनऊ आया थाज्.. 2017 तक तो चैनल ठीक-ठाक चलता रहा जब तक सूबे में

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नर्स, कामवाली बाई, लेडी स्कूल टीचर, बॉस की सेक्रेटरी, महिला पार्टी कार्यकर्ता आदि…

डॉ अबरार मुल्तानी हमारे जोक्स ने, वेब सीरीज ने, एडवर्टाइज़मेंट ने, फिल्मों ने और लुगदी साहित्य ने इन्हें आम जनमानस में सेक्स सिंबल की तरह इम्प्लांट कर दिया है। जब

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बोहनी तो अच्छी हुई, लेकिन सफर लम्बा है।

योगेन्द्र यादव यात्रा कैसी चल रही है? कुछ असर दिखाई दिया? चुनाव में फायदा होगा? कुछ हासिल होगा भी या नहीं? जब से ‘भारत जोड़ो यात्रा’ कन्याकुमारी से रवाना हुई

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आखिर 5जी किसे चाहिए और क्यों?

गिरीश मालवीय जब भी आप 5 जी तकनीक संबंधी पढ़ेंगे तो सबसे पहले यह कही न कहीं जरूर लिखा हुआ पाएंगे कि आदर्श परिस्थितियों में 5जी तकनीक से पांच त्रक्च

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विरोधी भी मानते हैं कि अपना सबसे बड़ा सेल्समैन वह खुद है

विष्णु नागर ये तो उसके बड़े से बड़े विरोधी भी मानते हैं कि अपना सबसे बड़ा सेल्समैन वह खुद है। वह कुछ भी बेच सकता है!।जो है,वह भी और जो

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क्रांतिकारी मज़दूर मोर्चा मज़दूर जब भी जागा है, इतिहास ने करवट बदली है

साथियो, मोदी सरकार मज़दूरों से कितना प्रेम करती है, उनका कैसा ‘सशक्तिकरण’ कर रही है, इस बात का एक और सबूत आजकल चर्चा का विषय बना हुआ है! सरकारी संस्थान

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