भारत की सांस्कृतिक एवं धार्मिक विरासत की समृद्धि उसकी विविधता में निहित है। अनेक कवियों और लेखकों ने बताया है कि किस प्रकार दुनिया के अलग-अलग हिस्सों से विभिन्न संस्कृतियों
भंवर मेघवंशी की रिपोर्ट भांडे ही में भेद है! राजस्थान के जालोर जिले के सायला ब्लॉक के सुराणा गाँव की सरस्वती विद्या मंदिर स्कूल की तीसरी कक्षा का नौ वर्षीय
विष्णु नागर हिंदी अखबारों में पहले पेज पर खबर पढ़ी कि अपने सिरमौर उद्योगपति मुकेश अंबानी जी लगातार दो साल से रिलायंस इंडस्ट्रीज से वेतन नहीं ले रहे हैं तो
मोहम्मद आरिफ मध्यकालीन भारत के दिग्गज इतिहासकार इरफ़ान हबीब 91 वर्ष के हो गए हैं। बीसवीं सदी के छठे दशक में जब इरफ़ान हबीब ने लिखना शुरू किया, उस वक़्त
विक्रम सिंह आज़ादी का ख्याल ही बहुत खूबसूरत है। हालांकि यह बात अलग है कि हमारे देश में आज़ादी के 75 वर्ष तक पहुंचते पहुंचते ‘आज़ाद ख्याल’ नाक़ाबिल-ए- बर्दाश्त हो
जय सिंह आजादी के आन्दोलन में स्वशासन, भारतीयता और भारतवासियों की एकजुटता का प्रतीक रहा तिरंगा आजादी के बाद भारत की सम्प्रभुता, शक्ति, साहस, शांति, सत्य, विकास और उर्वरता का
कहानी के पीछे पगलाए घूमना हर किसी के मिजाज में नहीं होता। न जाने कितनी बार मैंने अपने भाइयों के पैर दबाए, उनसे किसी फिल्म की कहानी सुनने के लिए।
कमीज के बटन ऊपर नीचे लगाना, वो अपने बाल खुद न काढ पाना ,पी टी शूज को चाक से चमकाना, वो काले जूतों को पैंट से पोछते जाना… ऐ मेरे
हैलंग में महिलाओं से घास का गट्ठर छीन बच्चे के साथ हिरासत में लिए जाने के मामले में बाल आयोग ने भी लिया संज्ञान, स्क्क चमोली से 5 अगस्त तक
देश के जाने माने पत्रकार रवीश कुमार ने पीएम नरेंद्र मोदी को एक पत्र लिखकर पूछा कि अब अगर यह हुआ तो तिरंगा का क्या होगा? माननीय प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी