अशोक कुमार सिंह ईएसआईसी के महानिदेशक बने

अशोक कुमार सिंह ईएसआईसी के महानिदेशक बने
August 25 14:15 2024

मज़दूर मोर्चा ब्यूरो
अशोक कुमार सिंह ने 19 अगस्त को राज्य कर्मचारी बीमा निगम के महानिदेशक का पद ग्रहण किया। 1999 बैच के केरल काडर के आईएएस अशोक कुमार इससे पहले केरल सरकार के जल संसाधन विभाग के प्रधान सचिव रह चुके हैं, उन्हें जिला, राज्य स्तर की संस्थाओं के प्रबंधन के साथ ही प्रशासन का लंबा अनुभव है। केंद्र की बात की जाए तो वह राष्ट्रीय स्वच्छ गंगा अभियान के कार्यकारी निदेशक रहे चुके हैं, इसके अलावा रक्षा मंत्रालय मेंं संयुक्त सचिव की जिम्मेदारी भी निभा चुके हैं। उन्होंने आईआईटी कानपुर से मेकेनिकल इंजीनियरिंग में स्नातक डिग्री हासिल की और नेशनल डिफेंस कॉलेज नई दिल्ली से एम फिल किया है। उम्मीद है कि अशोक कुमार ब्यूरोक्रेट सह टेक्नोक्रेट होने के कारण ईएसआई कार्पाेरेशन की उन तकनीकी समस्याओं का समाधान निकालने का प्रयास करेंगे जिन पर उनसे पहले के महानिदेशकों ने कुछ खास नहीं किया।

मज़दूरों के पैसे से चलने वाली इस स्वायत्त संस्था का प्रमुख कार्य मज़दूरों को बीमा से लेकर चिकित्सा सेवाएं उपलब्ध कराना है। लेकिन निगम में हावी लाल फीताशाही हर उस काम में अड़ंगे लगाने पर तुली रहती है जो मज़दूरों के हित में हो। कॉर्पोरेशन में महानिदेशक का पद अति महत्वपू्र्ण है कानूनन यह पूरी तरह से एक स्वायत्त संस्था है, इसमें कोई भी काम करने के लिए महानिदेशक को, किसी विभाग की तरह, सरकार पर निर्भर नहीं रहना होता है। अपनी इसी स्वायत्तता के चलते यहां ऐसे महानिदेशक भी आए हैं जिन्होंने अंशदाता मज़दूरों के हक में बेहतरीन काम किए तो वहीं दूसरी ओर एक से एक बढ़ कर निकृष्ट एवं निकम्मे महानिदेशक भी रहकर चले गए जिन्होंने मज़दूरों का गला घोंटने में कोई कसर न छोड़ी।

देश भर में फैले ईएसआई कॉर्पाेरेशन के दफ्तरों एवं चिकित्सा संस्थानों को चलाने व उनकी देखरेख के लिए मुख्यालय में कमिश्नरों की एक पूरी पलटन बैठा रखी है। इनका पूरा प्रयास यह रहता है कि किस प्रकार मज़दूरों को उनके हकों से वंचित रखा जाए। उनका उद्देश्य केवल इतना प्रतीत होता है कि निगम के खजाने में दिन दूनी रात चौगुनी वृद्धि होती रहे। ये कमिश्नर आने वाले महानिदेशक को इस तरह से घेरे रखते हैं कि वह उनकी सोच-समझ के मुताबिक ही काम करता रहे लेकिन कुछ महानिदेशक ऐसे भी आए जिन्होंने इन कमिश्नरों को अपने चाबुक से हांक कर सही रास्ते पर चलाने का प्रयास किया।

उपलब्ध जानकारी के अनुसार 20 अगस्त को डीजी ने फरीदाबाद के मेडिकल कॉलेज अस्पताल का दौरा किया। उन्होंने पूरे संस्थान का अवलोकन करने के बाद यहां दरपेश समस्याओं को समझने का प्रयास किया। अस्पताल की कारकर्दगी और उपलब्धियों को देखकर वे काफी हद तक संतुष्ट प्रतीत हुए। उनके हावभाव से ऐसा कहीं प्रतीत नहीं हो रहा था कि वे मंत्री की नाराजगी को लेकर यहां के अधिकारियों के विरुद्ध कुछ करने वाले हैं। समझा यह जा रहा है कि वे संस्थान की वर्षों पुरानी स्टाफ संबंधित मांगों को पूरा करने पर गंभीरता से विचार करेंगे। मज़दूर मोर्चा आशा करता है कि अशोक कुमार सिंह इन कमिश्नरों के जाल में न फंस कर अपने दायित्व को सही ढंग व ईमानदारी से निभा कर मज़दूरों को वांछित सेवाएं प्रदान करवाएंगे।

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