फरीदाबाद (मज़दूर मोर्चा) अपनी शानो शौकत का भौंंडा प्रदर्शन करने के लिए शहर के मंत्री कृष्णपाल गूजर, विपुल गोयल और राजेश नागर एक ओर जहां सरकारी धन को बर्बाद करते हुए गाडिय़ों के बड़े बड़े काफिले लेकर चलते हैं वहीं दूसरी ओर सड़कों पर पुलिस के सायरन दहाड़ते हुए लोगों को दहशतजदा करते हैं।
14-15 एवं 16-17 की विभाजक सड़कों का निर्माण कार्य, बीते कई माह से चलते रहने के कारण इन दोनों सेक्टरों में प्रवेश एवं निकास एक भारी संकट बन कर रह गया है। हूडा द्वारा सेक्टर 14 में इस काम के लिए पांच गेट रखे गए थे, जिनमें से दो स्थानीय लोगों ने अपने आप बंद कर दिए थे। बचे तीन गेटों में से भी अब एक गेट जो 14-15 की विभाजक सड़क पर है सड़क निर्माण की वजह से बंद कर दिया गया है। अब ले-दे कर दो ही गेट से आमोदरफ़्त होती है। एक गेट जो एस्कॉर्ट फैक्ट्री की ओर खुलता है उस पर लगभग हर समय जाम की स्थिति बनी रहती है। खास तौर पर पीक आवर्स में तो इस गेट से प्रवेश करने अथवा निकलने में 15 से 20 मिनट लगना मामूली बात है। इससे भी अधिक भयानक स्थिति 17 व 14 की विभाजक सड़क पर बनी रहती है जिससे निपटने के लिए पुलिस को भी कड़ी मशक्कत करनी पड़ती है।
बीते बुधवार सायं करीब पौने सात बजे यह संवाददाता एस्कॉर्ट की ओर से काफी मशक्कत के बाद सेक्टर 14 में प्रवेश कर पाया तो कुछ ही क्षणों बाद सामने से कारों का एक काफिला जिसमें पांच छह पुलिस की गाडिय़ां, लाल नीली बत्तियां चमकाते और सायरन बजाते हुए माहौल को दहशतजदा बना रही थीं। जिस सड़क पर पहले से ही भारी जाम लगा हुआ था और लोग सेक्टर से निकल नहीं पा रहे थे वहीं से निकलने के लिए पुलिस की ये गाडिय़ां अपनी लाल नीली बत्तियां चमकाते ओर सायरन बजाते हुए मानो लोगों को धमका रही हों कि हट जाओ एक तरफ हमें निकलने दो, लेकिन हटने के लिए कोई जगह थी नहीं, बावजूद इसके वाहनों की भीड़ में घुसपैठ करते तथा लोगों को धमकाते हुए यह काफिला निकलता चला गया। यह तो नहीं पता चल पाया कि यह कौन सा मंत्री था और सेक्टर में क्या करने आया था लेकिन समझा जा रहा है कि काफिले में मौजूद एक या एक से अधिक मंत्रीगण किसी हैलीपैड पर किसी मंत्री को रिसीव करने जा रहे थे। इसके अलावा शहर के तमाम मंत्रियों को जब तब सदा ही शहर की सड़कों पर अपना रुतबा दिखाते और रौब झाड़ते हुए इस रूप में देखा जा सकता है। जब तक जनता सड़कों पर इनके सामने आकर खड़ी नहीं होगी तब तक इनकी यह गुंडागर्दी यूं ही चलती रहेगी।