आईएएस मोना को तड़पा रहा नगर निगम की हराम कमाई का सोना, जबकि आधा फीसद कमीशन की वंचना से तड़प रहे एसीएमसी अंतिल

आईएएस मोना को तड़पा रहा नगर निगम की हराम कमाई का सोना, जबकि आधा फीसद कमीशन की वंचना से तड़प रहे एसीएमसी अंतिल
September 29 18:19 2025

फरीदाबाद (मज़दूर मोर्चा) निगम में रह कर सोने के बिस्कुट खाने, पांच लाख का लहंगा पहनने वाली आईएएस मोना ए श्रीनिवास चार महीने में ही खुड्डेलाइन रहकर उकता गई हैं। बताया जा रहा है कि वह कमाऊ घर वापसी की कोशिशों में जुटी हैं। इसके लिए वह गौरव अंतिल और नितिन कादियान जैसे चिंटू अधिकारियों से लगातार संपर्क में हैं। मोना वैसे तो हरियाणा भवन में तैनात हैं लेकिन नगर निगम में होने वाली एक-एक हलचल की सूचना उन तक पहुंच रही है।

भरोसेमंद सूत्रों के अनुसार दो सौ करोड़ के घोटाले के लिए बदनाम नगर निगम का मुखिया बनाए जाने के बाद से ही धीरेंद्र खडगटा बहुत सावधानी से प्रशासन चला रहे हैं। हालांकि वह सत्तापक्ष के मंत्री, विधायक तो दूर पार्षद जैसे अदना से कार्यकर्ता के गलत-सही आदेशों पर नतमस्तक नजर आते हैं बावजूद इसके उन्होंने मातहतों पर शिकंजा कस रखा है। विकास कार्याेे में कमीशनखोरी पूरी तरह से तो वह बंद नहीं करा सके हैं लेकिन बेवजह हिस्सापत्ती लेने वाले अधिकारियों से अधिकार छीन कर कुछ हद तक कमीशन राशि घटाने का प्रयास कर रहे हैं। उनकी इस कवायद का शिकार अतिरिक्त निगमायुक्त (एसीएमसी) गौरव अंतिल हुए हैं।

खडगटा ने एसीएमसी से बिल के चेक पर हस्ताक्षर करने के अधिकार छीन लिए हैं। बताया जाता है कि निगम में रोजाना एक से दो करोड़ के बिल पास होते हैं जिसमें एसीएमसी के चिडिय़ा बैठाने का नजराना आधा प्रतिशत तय था, काम एक दम फर्जी तरह का हो तो ये नजराना बढ़ कर एक प्रतिशत तक भी हो सकता है। हस्ताक्षर का अधिकार छीने जाने से एसीएमसी की रोजाना की करीब एक लाख रुपये की ऊपरी कमाई बंद हो गई। निगम सूत्रों के अनुसार यही कारण है कि मोना ए श्रीनिवास की वापसी के लिए सबसे ज्यादा मेहनत करने वालों में गौरव अंतिल आगे हैं। बताया जा रहा है कि अंतिल महोदय ही विधायकों से लेकर सत्तापक्ष के नेताओं यहां तक कि चंडीगढ़ मुख्यालय तक हाथ पैर मार रहा है कि मैडम की घर वापसी हो जाए। अंतिल ही मैडम को ज्ञान दे रहा है कि किस विधायक, मंत्री की रोजाना सलामी ठोंकनी है ताकि वो उन्हें एमसीएफ दोबारा बुलवा ले। मैडम भी अंतिल की सलाह पर सत्तापक्ष के नेताओं से सम्पर्क में जुटी हैं।

यह भी बताया जा रहा है कि बिना ऊपरी कमाई वाले पद से बुरी तरह उकता चुकी मैडम भी दोबारा निगमायुक्त बनने के लिए सजातीय पूर्व सीएम खट्टर से संपर्क साधने में लगी हैं। भरोसेमंद सूत्रों के अनुसार मोना मैडम के चिंटू अधिकारी धीरेंद्र खडगटा को फ्लॉप निगमायुक्त साबित करने-करवाने की कवायद में बुरी तरह से जुटे हैं, मुंह पर तो ये लोग जी सर हां सर करते हैं लेकिन पीठ पीछे असहयोगात्मक रवैया अपनाया जा रहा है। निगमायुक्त के आदेश और निर्देशों में कोई न कोई नुक्ताचीनी कर अड़ंगा लगाया जाता है ताकि मंत्री- नेता नाराज होकर उन्हें हटाने की सिफारिश कर दें और मोना मैडम का रास्ता साफ हो जाए। मैडम की वापसी की चाहत रखने वालों में एक्सईएन नितिन कादियान तो खैर उनका ऑल टाइम चहेता है। वह मैडम के लिए पांच लाख का लहंगे से लेकर सोने के बिस्कुट, लेटेस्ट आईफोन, जॉनी वाकर शराब सहित अनेक व्यवस्थाएं करवाता था। खडगटा के कार्यकाल में भी हालांकि उसकी कारगुजारियां जारी हैं लेकिन मैडम के कार्यकाल में जिस तरह खुल कर बैटिंग करता था वह अब नहीं कर पा रहा है, ये निगमायुक्त कड़ी नजर भी रखते हैं। ऐसे में मैडम मोना की टीम उनकी वापसी के लिए खुल कर बैटिंग कर रही है।

चर्चा तो यह भी है कि सरकार ने खडगटा को जिस काम के लिए यानी दो सौ करोड़ घोटाले में फंसे भ्रष्ट आईएएस अफसरों को क्लीनचिट् दिलवाने वाली रिपोर्ट तैयार करवाने के लिए भेजा था वह काम पूरा हो गया है। इसका ईनाम उन्हें किसी बड़े पद पर भेज कर दिए जाने की तैयारी हो रही है। इस संभावना के मद्देनजर मैडम जहां खट्टर को खुश करने के प्रयास कर रही हैं वहीं आजादी और अतिरिक्त कमाई पर अंकुश लगने से दुखी भ्रष्ट चेले स्थानीय राजनेताओं से लेकर मुख्यालय में बैठे लेनदेन कर मनचाही जगह दिलाने वाले बाबाओं के संपर्क में हैं। जिस तरह सीएम सैनी बीते 11 साल में भाजपा राज में हुए घोटालों और भ्रष्टाचार पर पर्दा डालने में जुटे है उससे तो लगता है कि सरकार की मंशा के अनुरूप खुद खाने और नेताओं को खिलाने वाली मोना ए श्रीनिवास की घर वापसी होना आश्चर्यजनक नहीं होगा।

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Mazdoor Morcha
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