करनाल। पहले दिन मंगलवार को अनाज मंडी में न गेहूं की आवक हुई न खरीद। दूसरी ओर अनाज मंडी में अव्यवस्थाओं का बोलबाला नजर आया। खरीद के निर्देश के बाद भी न तो आढ़तियों के पास बारदाना पहुंचा है और न उठान के लिए टेंडर हुआ है। किसानों के लिए न पेयजल की पर्याप्त व्यवस्था है न बैठने की जगह। यहां लगे नलकूप खराब पड़े हैं।
अधिकारियों का दावा है कि उन्होंने पूरी व्यवस्था की है, लेकिन हकीकत कुछ और है। हालांकि एडीसी व एसडीएम ने दोपहर बाद अनाज मंडी में जाकर व्यवस्थाओं का जायजा लिया। इस दौरान सुलभ शौचालय में कर्मचारी पेंट करते नजर आए। अनाज मंडी में सफाई व्यवस्था नहीं है। हर जगह गंदगी फैली है। हालांकि विभाग की ओर से सफाई का टेंडर किया जाता है, लेकिन मंडी में गंदगी फैली है। यहां कई दिनों से सफाई ही नहीं हुई है। सड़क पर भी कई जगहों पर गड्ढे हैं। फुटपाथ टूटे हैं। हवा के साथ मिट्टी उड़ती रहती है।
पंचायत नई अनाज मंडी आढ़ती एसोसिएशन करनाल के प्रधान रजनीश चौधरी का कहना है कि सरकार ने गेहूं की खरीद का एलान एक अप्रैल से कर दिया है, लेकिन अनाज मंडी में न तो बारदाना पहुंचा है और न ही उठान का टेंडर हुआ है। फिलहाल अनाज मंडी में गेहूं भी नहीं आया है। जिले में अभी गेहूं की कटाई का काम शुरू नहीं हुआ है। किसानों का कहना है कि अभी गेहूं के दानों में नमी है। कुछ दिन तेज धूप पड़े तो गेहूं अच्छे से पक जाएगा तभी वह कटाई का कार्य शुरू करेंगे। हालांकि कंबाइन से गेहूं की कटाई में 10 से 15 दिन लगने की संभावना है। वहीं हाथों से कटाई का कार्य इस सप्ताह शुरू होने की उम्मीद है। कई जगहों पर गेहूं की बालियां अभी हरी नजर आ रही हैं। उम्मीद है कि 10 अप्रैल से ही गेहूं की आवक शुरू होगी। उन्होंने सरकार से मांग है कि अनाज मंडियों में किसानों के लिए पेयजल व बैठने की व्यवस्था की जाए। डीएफएससी करनाल अनिल कुमार का कहना है कि खरीद एजेंसी नियुक्त हो चुकी है। बारदाने की जितनी आवश्यकता है। वह आ चुका जिसे अनाज मंडी में भिजवाया जा रहा है। उठान के लिए टेंडर प्रक्रिया चल रही है। अनाज मंडी में गेहूं की आवक होने पर उसकी खरीद की जाएगी।