डॉ रामवीर किसी की नजरों में चढऩे को गिर जाते हैं लोग चमचागिरी का उन्हें भयावह लग जाता है रोग।
चमचागिरी में निरे झूठ का ही होता है प्रयोग धीरे धीरे सही समझ का हो जाता है लोप।
निशिकान्त दुबे, हेमन्ता मोदीजी के नौकर राजनीति के सर्कस में ये बने हुए हैं जोकर।
जोकर जो करता है उस पर हंसना है स्वाभाविक दयापात्र हैं जो जोकर को मानें देश का नाविक।
बहुत दिनों से देख रही है जनता देश में सर्कस उकताए दर्शक चिल्ला रहे अब तो माफ करो बस।
कवि सर्कस स्वामी को करना चाहता है आगाह और तमाशा बन्द करने की दे रहा उचित सलाह।