फऱीदाबाद (मज़दूर मोर्चा)। खराब वायु गुणवत्ता के कारण ग्रेप तीन लागू होने के बावजूद कानून के रखवाले ही पर्यावरण को नुकसान पहुंचा कर वायु प्रदूषण में इजाफा कर रहे हैं। सेक्टर 25 स्थित अग्निशमन विभाग परिसर में रहने वाले कर्मचारियों ने सफाई के नाम पर हरियाली में ही आग लगा दी। जलने से जो धुआंं हुआ वो तो हुआ आसपास के करीब एक दर्जन पेड़ भी झुलस कर बर्बाद हो गए।
देश के सर्वाधिक प्रदूषित शहरों में शामिल फरीदाबाद की वायु गुणवत्ता कमोबेश पिछले तीन माह से बेहद खराब कैटेगरी में चल रही है। वायु गुणवत्ता सुधारने के लिए यहां ग्रेडेड रिस्पांस एक्शन प्लान (ग्रैप) तीन लागू है।
यानी वायु प्रदूषण घटाने के लिए पानी का छिडक़ाव, सडक़ों की सफाई मशीनों से कराने का प्रावधान है। कूड़ा कचरे में आग लगाने पर जुर्माना लगाया जा सकता है। यह प्रावधान आम व्यक्ति को पता हों या न हों अग्निशमन विभाग के कर्मचारियों को तो इनकी जानकारी है ही। बावजूद इसके बुधवार को सेक्टर 25 स्थित अग्निशमन विभाग परिसर में रहने वाले सरकारी कर्मचारियों ने परिसर के आसपास उगी झाडिय़ों को काट कर साफ करने के बजाय उनमें आग लगा दी। झाडिय़ों में लगी आग के शोलों ने उस जगह लगे दस बारह बड़े पेड़ों को भी चपेट में ले लिया और वे भी झुलस कर बर्बाद हो गए। जिन पेड़ों तक आग नहीं पहुंची उन्हें इन कर्मचारियों ने काट डाला।
स्थानीय लोग उठते काले धुंए को देख कर आपस में चर्चा करते रहे लेकिन सरकारी कर्मचारियों से पूछने या आग नहीं लगाने को मना करने की हिम्मत नहीं जुटा सके। बेवजह लगाई गई आग का के कारण उठता काला धुआं न तो पुलिस को दिखा न नगर निगम को और न ही प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड के जिम्मेदारों को। प्रदेश के पांच सबसे कम हरियाली वाले जिलों में शामिल फरीदाबाद में इस तरह पेड़ पौधों को जलाकर नष्ट करना वायु गुणवत्ता के लिए कोढ़ में खाज साबित हो सकता है।