मनीष आजाद अनुसार अमेरिकी राष्ट्रपति डोलैण्ड ट्रम्प के इनॉगरेशन में आमन्त्रित न किये जाने से बुरी तरह खफा प्रधानमंत्री मोदी ने अमेरिका को करारा झटका दिया है। सूत्रों से मिली खबर के अनुसार, अमेरिका में बड़ी संख्या में रह रहे भारतीय अप्रवासियों को भारत बुला लिया है। उन्हें अमेरिकी वीजा को लात मारकर, तत्काल भारत लौटने का आदेश दिया गया है।
सर्वविदित तथ्य है कि अमेरिका में रह रहा भारतीय समुदाय उसकी अर्थव्यवस्था का इंजन है। 20 बिलियन डॉलर से ज्यादा की 20 कम्पनियों में भारतीय सीईओ है, उसके बैंक, सॉफ्टवेयर, निर्माण औऱ रिटेल में भारतीयों की एक बड़ी हिस्सेदारी है। इस क्रम में भारतीय विदेश मंत्री श्री एस जयशंकर ने 20 हजार से अधिक अप्रवासियों को भारत बुलाने की पुष्टि कर दी है। आने वाले समय मे करीब 1.20 मिलियन भारतीय भारत का रुख कर सकते हैं।
हालांकि भारत मे विपक्ष और सोशल मीडिया का एक हिस्सा इसे ट्रम्प द्वारा भारतीयों को अवैध अप्रवासी बताकर निकालने, और इस तरह भारत का अपमान होने का दुष्प्रचार कर रहा है। परंतु इसमें कोई सच्चाई नहीं है। दरअसल ट्रम्प प्रशासन इस ताबड़तोड़ कार्यवाही से सकते में है। बताया जाता है कि अमेरिकी नीति आयोग ने इससे अमेरिकी अर्थव्यवस्था में होने वाले भयंकर आर्थिक गिरावट से आगाह किया है। दरअसल अमरीका के पास इतनी बड़ी संख्या में प्रोफेशनल्स को प्रतिस्थापित करने के लिए नए लोगो का इंतजाम करना एक टेढ़ी खीर होगा। वैश्विक स्तर पर भारत के आईआईटी, आईआईएम और उच्च स्तरीय संस्थानो से पढ़े लोगो का मुकाबला करने वाला मानव संसाधन उपलब्ध ही नही है। बताया जाता है कि घबराए ट्रम्प में कई बार प्रधानमंत्री मोदी से सम्पर्क कर मामले को सुलझाने की कोशिश की, परंतु मोदी जी ने फोन उठाने से इनकार कर दिया। वे इस बार आर पार के मूड में दिखाई देते हैं।
दरअसल इसके माध्यम से मोदी सरकार दो निशाने एक साथ साध रही है। जहां इससे ट्रम्प प्रशासन को उनकी जगह दिखाई जा सकेगी, वही भारतीय अर्थव्यवस्था में एक मिलियन से ज्यादा हाई क्वालिटी प्रोफेशनल्स के आ जाने से भारत मे व्यापार, व्यवसाय और निवेश को भारी बढ़ावा मिलेगा। एक प्रमुख बिजनेस चैनल पर आर्थिक मामलों के विशेषज्ञ टी.वी. शेषनागन अय्यर का मानना है कि इस एक कदम से भारत की इकॉनमी आगे एक वर्ष में 10 ट्रिलियन होने की संभावना बन गयी है।
बहरहाल जहाँ व्हाइट हाउस में हड़कंप मचा हुआ है, वहीं भारतीय समुदाय में खुशी की लहर दौड़ पड़ी है। भारतीय समुदाय के लोग खुशी खुशी भारत लौटने की तैयारी कर रहे हैं। नासा में कार्यरत, केरल के रहने वाले चिन्नप्पा राजगोपालन ने ओ हायर एयरपोर्ट पर हमारे संवाददाता को बताया कि वैश्विक शक्ति बनते हुए भारत मे आज अमृतकाल चल रहा है। भारत लौटने का यह सही अवसर है। इसी तरह भावनगर के जिग्नेश मोदी, बुलदंशहर के श्रीकांत पांडे और आरा के रामकृपाल यादव भी मैक्सिको बार्डर पर भारत लौटने के लिए उत्साह में दिखाई दिये। इन पंक्तियों के लिखे जाने तक मोदी जी ने ट्रम्प का फोन नही उठाया था। आपका संवाददाता, “गोदी मनीष” इन पंक्तियो के पढ़े जाने तक टेलीफोन की बजती हुई आवाज सुन रहा है.. किर्र किर्र, किर्र किर्र, किर्र किर्र…