विनोद वर्मा पहले वे कम्युनिस्टों के लिए आए मैं कुछ नहीं बोला क्योंकि मैं कम्युनिस्ट नहीं था. फिर वे ट्रेड यूनियन वालों के लिए आए मैं कुछ नहीं बोला क्योंकि