रंगनायकम्मा ‘नीची’ जातियों के पास उत्पादन के साधन नहीं हैं। सिफऱ् ‘ऊंची’ जातियों के पास ही वे मौजूद हैं। उनमें से भी, बहुत ही थोड़े से लोगों के पास ही,