बहुत से काम बाकी हैं, तुम्हारे भी हमारे भी करोड़ों लोग भूखे हैं, तुम्हारे भी हमारे भी खिलौनों वाली उम्र में, उन्हें हम मौत क्यों बांटें बड़े मासूम बच्चे हैं,