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Tag "ahmad farhaad"

कविता

देश जा रहा है सेठों की जेब मे देश जा रहा है सेठों की जेब में समाधान ढूंढते हो औरंगजेब में बेटियां लाचार बनाते हो घर में सुरक्षा चूक खोजते

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