करनाल। करनाल के जाने माने उद्योगपति तथा समाजसेवी गुरुबख्श सिंह मनचंदा ने कहा है कि उनकी कंपनी सागा म्यूजिक कंपनी पूर्व पीएम मनमोहन सिंह को ट्रिब्यूट देने के लिए बेहतर प्रोजेक्ट पर विचार करेगी। डा.मनमोहन सिंह संसार के जाने माने अर्थशास्त्री होने के साथ ही भारत को आर्थिक महाशक्ति बनाने वाले कुशल शिल्पी थे। उन्होंने मांग की कि सरकार को भी पूर्व प्रधानमंत्री मनमोहन सिंह की यादगार को अमिट बनाने के लिए स्मृति स्थल बनाना चाहिए जिससे उनकी यादें नई पीढ़ी को रास्ता दिखाती रहें।
गुरुबख्श सिंह मनचंदा बुधवार को खास बातचीत कर रहे थे। उन्होंने कहा कि आज समाज और धार्मिक संस्थाओं को चलाने वाले लोग रागी, ढाडी, पाठियों, ग्रंथियों, शस्त्रियों, पुजारियों, विद्वानों के प्रति उदासीन होते जा रहे हैं। यदि उनके प्रति समाज का उदसीन रवैया रहा तो आने वाले समय में धर्म संस्कृति को जिंदा रखने वाले यह लोग नहीं रहेंगे। आज अच्छे पुजारियों, शास्त्रियों, पाठियों, ग्रंथियों, रागियों, ढाडियों की कमी बनी हुई है। यदि यही हालात रहे तो धर्म संस्कृति का नाम लेने वाला नहीं बचेगा। आज देश और समाज को मंदिर गुरुद्वारों से अधिक इन लोगों की जरूरत हैं। उन्होंने कहा कि यह दुर्भाग्य है आज कोई पुजारी, ग्रंथी, पुजारी, पाठी, शास्त्री, ढाडी अपने बच्चों को अपनी लाइन में लाना चाहते हैं। मनचंदा ने बताया कि पूर्व प्रधानमंत्री डा. मनमोहन सिंह राजनीति में होने के बाद भी राजनीति की गंदगी से कोसों दूर थे।
उन्होंने देश को परमाणु शक्ति मे आत्मनिर्भर बनाने और देश को आर्थिक रूप से मजबूत करने के साथ ही संचार तकनीक में मजबूत बनाने में बड़ी भूमिका निभाई। डा. मनमोहन सिंह ने सत्ता में शीर्ष पर रहने के बाद भी सादगी नहीं छोड़ी। एक शिक्षक से लेकर प्रधानमंत्री तक की यात्रा उन्होनें निर्विवाद, निष्पक्ष और सर्वसमर्थन से तय की। जिस समय उन्हें वित्त मंत्री बनाया गया उस समय देश कर्ज में डूबा हुआ था। उस समय देश को तेल खरीदने के लिए अपना सोना तक गिरंवी रखना पड़ा था। देश उन्हें हमेशा याद करता रहेगा।