फऱीदाबाद (मज़दूर मोर्चा) खुद को मां काली का भगत बताने वाले वार्ड नंबर तीन के पार्षद रवि कश्यप अपने वार्ड में अब खुलेआम अवैध निर्माण करने वालों को प्रोत्साहित करने के साथ साथ संरक्षण भी दे रहे हैं। इस अवैध काम के लिए एससी-एसटी कानून को भी कवच की तरह इस्तेमाल करने में पार्षद महोदय लोगों की रहनुमाई करते हैं। निगमकर्मी तो उनकी गुलामी करते ही हैं पुलिस भी मातहती करती प्रतीत हो रही है। वार्ड नंबर तीन में मुजेसर गांव के कोली मोहल्ला निवासी कन्हैया लाल नाम का व्यक्ति अपने मकान का निर्माण करा रहा है। मोहल्ले वालों के अनुसार कन्हैया ने अतिक्रमण कर सार्वजनिक नाली पर अपने घर का पिलर खड़ा करने का प्रयास किया तो अड़ोस पड़ोस वालों ने इसका विरोध किया। लोगों का कहना था कि यदि पिलर बन गया तो गली पहले ही संकरी और चलने लायक नहीं है, गंदगी गली में बहने से हालात और खराब होंगे। बताया जा रहा है कि पार्षद रवि भगत की शह पर निर्माण करा रहा कन्हैया टस से मस नहीं हुआ तो पड़ोस के पूर्व सैनिक मास्टर साहब ने नगर निगम में इसकी शिकायत कर दी।
नगर निगम में शिकायत होते ही पार्षद साहब को गुस्सा आ गया और कन्हैया की ओर से मास्टर साहब के खिलाफ मुजेसर थाने में जाति सूचक शब्दों का प्रयोग और दबंगई करने का आरोप लगाकर शिकायती पत्र दिलवा दिया गया। पुलिस ने मास्टर साहब पर दबाव बनाया तो बेचारे बचाव की मुद्रा में आ गए, ऐसे में कांग्रेस नेता सुखबीर सहित अन्य लोग मास्टर साहब के पक्ष में खड़े हुए और उन्हें लेकर थाने पहुंचे। बताया जा रहा है कि पार्षद महोदय ने थाना पुलिस को भी मास्टर साहब की अच्छे से खबर लेने को कहा था, यही कारण है कि पहले तो पुलिस ने मास्टर साहब को जमकर हड़काया और जेल का डर दिखाया लेकिन जब अन्य लोगों ने मामले की जांच का दबाव बनाया तब पुलिस के तेवर ढीले पड़े लेकिन राहत कोई नहीं दी। बेचारे मास्टर साहब ने मजबूरन कह दिया कि वह इस मामले में नहीं पड़ेंगे। इसके बाद शिकायत वापस ले ली गई।
इसके बाद शिकायत की जांच करने एसडीओ विनोद कुमार की अगुवाई में नगर निगम की टीम मौके पर पहुंची। यहां भी पार्षद महोदय दबाव बनाने के लिए गनर लेकर सामने आ गए, और सरकारी नाली पर पिलर खड़ा किया जाना देखने के बादभी टीम बिना कोई कार्रवाई या रिपोर्ट बनाए लौट गई। पार्षद महोदय ने ऐलान वाले अंदाज में कन्हैया से कहा कि तुम निर्माण करो, नगर निगम से अगर कोई आया तो उसकी खैर नहीं, देखता हूं तुम्हारा निर्माण कौन तुड़वाता है। मोहल्ले वालों के अनुसार सत्ता पक्ष के पार्षद का अभयदान मिलने पर कन्हैया निर्माण कराने में जुटा है।
रवि भगत का यह पहला कारनामा नहीं है, पाठकों को याद होगा कि इसी मुजेसर में रवि भगत और जेई परवेज आलम ने चार लाख रुपये नजराना लेकर एक लाला की अवैध दुकान-मकान का निर्माण करवाया था। पार्षद बनने के बाद से वार्ड में अवैध निर्माण का खेल खुल कर चल रहा है। खुद को विधायक मूलचंद शर्मा और केंद्रीय मंत्री कृष्णपाल गूजर का खास बता कर पुलिस, प्रशासन और अधिकारियों पर दबाव बनाने में माहिर रवि काली मंदिर का पुजारी होना बता कर लोगों को धर्म के नाम पर ब्लैकमेल करने में भी बाज नहीं आता।
निगम सूत्रों के अनुसार रवि भगत खुद को भावी डिप्टी मेयर बता कर अधिकारियों पर उनके वार्ड में होने वाले सभी अवैध और अनैतिक कार्यों से आंखें बंद रखने का दबाव बनाते हैं, यही नहीं विपक्षी और विरोधियों के इलाके में विकास कार्य नहीं कराने देते। शायद यही कारण है कि अपने ही वार्ड के मुजेसर गांव में नाली, गलियां और सड़कें तुड़वा कर छोड़ दीं और लोग आज तक परेशान हैं।