सीएम नायब सिंह सैनी जनता को दिखा रहे चुनावी सपने फऱीदाबाद (मज़दूर मोर्चा) खट्टर की दस साल की नाकामियों को छिपाने के लिए सीएम बनाए गए नायब सिंह सैनी भी बीते पांच महीनों में कुछ खास नहीं कर सके। अब चुनाव सर पर हैं तो आए दिन बड़ी बड़ी घोषणाएं, शिलान्यास, उद्घाटन आदि कर रहे हैं। बीते दो सप्ताह में उन्होंने इतनी घोषणाएं कर दी हैं जितना शायद हरियाणा का बजट भी न हो। स्पष्ट है कि चुनाव के समय की जाने वाली ये घोषणाएं महज घोषणाएं ही होने वाली हैं, क्योंकि जो सरकार बीते दस साल में घोषित किए गए प्रोजेक्ट आज तक पूरे नहीं करा सकी है वो इन्हें क्या कराएगी?
सीएम सैनी ने सेक्टर 23 में सौ करोड़ से बनने वाले को-एजुकेशन कॉलेज की वर्चुअल रूप से आधारशिला रखी। सीएम साहब इस कॉलेज की नींव रखने से पहले सेक्टर 16 ए स्थित नेहरू कॉलेज की इमारत के पांच साल से लटके प्रोजेक्ट को पूरा करवा देते। सरकार द्वारा फंड जारी नहीं किए जाने से यह इमारत आधी-अधूरी खड़ी है, इसका खामियाजा कॉलेज के करीब 15 हजार छात्र-छात्राओं को भुगतना पड़ रहा है। चुनावी घोषणा का सेक्टर 23 का कॉलेज तो हाल फिलहाल बनने से रहा, नेहरू कॉलेज तो चला चलाया है उसकी इमारत के लिए 15 करोड़ रुपये जारी कर देते। घोषणा तो सौ क्या दो सौ करोड़ की कर देंगे क्योंकि इसमें कुछ खर्च तो होना नहीं है, नेहरू कॉलेज को पंद्रह करोड़ देने पड़ेंगे इसलिए चुप्पी साधे हैं।
सीएम सैनी ने 24 करोड़ से बनने वाली बल्लभगढ़ नगर निगम की नई इमारत का भी शिलान्यास किया। खट्टर के ही पदचिह्नों पर चल रहे सैनी बखूबी जानते हैं कि वो जो घोषणाएं कर रहे हैं उन्हें पूरा कराना उनके बस का नहीं है सिर्फ जनता को मूर्ख बना रहे हैं। सेक्टर 12 में 2018 से अटका पड़ा नगर निगम का सात मंजिला भवन आज तक पूरा नहीं हो पाया है। खट्टर ने भी बड़े जोश में इसके निर्माण की घोषणा की थी लेकिन महज 42.5 करोड़ रुपये भी पूरे नहीं जारी कर सके। भुगतान नहीं होने से निर्माण करने वाली कंपनी ने काम रोक दिया।
अधिकारियों के मुताबिक समय पर पूरा न होने के कारण इसकी लागत 52 करोड़ रुपये हो गई है यानी करीब 25 फीसदी बढ़ गई है। यही नहीं नगर निगम मुख्यालय परिसर में कमांड एंड कंट्रोल सेंटर का काम भी बजट नहीं होने के कारण दो साल से ठप पड़ा है। इसके लिए महज 16 करोड़ रुपये चाहिए लेकिन सरकार वो भी जारी नहीं कर पा रही है। खट्टर तो घोषणाएं करके चलते बने, सैनी साहब पहले इन भवनों के लिए जरूरी फंड जारी कर इन्हें पूरा करा देते तो जनता का भला होता, लेकिन ऐसा करने से उन्हें वाहवाही नहीं मिलती, इसलिए बल्लभगढ़ नगर निगम के लिए 24 करोड़ की घोषणा कर डाली।
सिर्फ यही काम अधूरे नहीं पड़े हैं, हर चुनाव से पहले फरीदाबाद-गुडग़ांव मेट्रो, फरीदाबाद-पलवल मेट्रो का सब्जबाग दिखाया जाता है, कभी बताया जाता है कि फीजिबिलिटी रिपोर्ट तैयार हो गई है तो कभी डीपीआर बन चुकी है, इस बार भी बजट की व्यवस्था का ढिंढोरा पीटा जा रहा है। मंझावली पुल दस साल में बन कर तैयार नहीं हुआ है और एफएनजी का राग अलापा जा रहा है। राजा नाहर सिंह स्टेडियम तो मोदी-खट्टर की गुजराती रणजीत बिल्डकॉन के भ्रष्टाचार की भेंट चढ़ चुका है। बडख़ल झील पर बीते दस सालों में करोड़ों रुपये खर्च कर दिए गए लेकिन इसे भरे जाने की फूलप्रूफ व्यवस्था नहीं हो सकी।
ये सारे प्रोजेक्ट जो आज तक पूरे नहीं हो सके हैं उनकी घोषणा पूर्व सीएम खट्टर ने चुनावों के समय नहीं बल्कि अपने शासन के उत्कर्ष में की थी। करीब दस साल तक सत्ता में रहने के बावजूद खट्टर इन घोषणाओं को अमलीजामा नहीं पहना सके तो समझा जा सकता है कि चलाचली की बेला में सीएम सैनी द्वारा चुनाव के ठीक पहले पूरे प्रदेश के लिए धड़ाधड़ की गईं 24 हजार 221 करोड़ की घोषणाओं का भविष्य क्या होगा।