मज़दूर मोर्चा ब्यूरो 70 हजार करोड़ की घोटालेबाजी में चक्की पीसिंंग -चक्की पीसिंग की जगह महाराष्ट्र के वित्त एवं उपमुख्यमंत्री बने अजीत पवार दिनांक 28 जनवरी को एक विमान हादसे में मारे गए। वर्ष 2022 में एनसीपी (नेशनलिस्ट कांग्रेस पार्टी) के वरिष्ठ नेता अजीत पवार पर 70 हजार करोड़ के घोटालों का आरोप लगाते हुए देवेन्द्र फडणवीस ने घोषणा करते हुए कहा था कि घोटालों की जांच उपरांत अजीत पवार को सजा होगी और वे जेल में चक्की पीसिंग-चक्की पीसिंग करेंगे। इतना ही नहीं इसके कुछ समय बाद प्रधानमंत्री मोदी ने अपने भाषण में कहा था कि 70 हजार करोड़ के इस घोटालेबाज को शीघ्र ही जेल भिजवाया जाएगा। लेकिन वे जेल तो नहीं गए, शीघ्र ही महाराष्ट्र के न केवल उपमुख्यमंत्री बन गए बल्कि राज्य का खजाना भी उन्हें सौंप दिया गया था।
वही अजीत पवार 28 जनवरी को बजरिया चार्टर्ड विमान मुंबई से अपने गृहक्षेत्र बारामती जा रहे थे तो प्रात: साढ़े आठ बजे विमान हादसे में मारे गए। विमान में दो पायलट व दो अन्यकर्मी भी मौजूद थे। उपलब्ध जानकारी के अनुसार पायलट ने एटीसी (एयर ट्रैफिक कंट्रोल) से लैंडिंग की स्वीकृति मांगी थी। एटीसी ने उन्हें बताया था कि दृश्यता तीन हजार मीटर की है। पायलट का कहना था कि उसे कुछ दिखाई नहीं दे रहा तो एटीसी ने एक चक्कर लगाने को कहा। इसके बाद पायलट ने कहा कि उसे रनवे कुछ दिखने लगा है और वह लैंडिंग कर रहा है। इसी लैंडिंग के प्रयास करते ही जहाज आग का गोला बन गया, जब तक आपात सहायता पहुंचती पांचों सवार जल कर मर चुके थे।
पूरे हादसे में सबसे दुखद मृत्यु उन दो पायलटों की है जो बेचारे किसी घोटाले में भी शामिल नहीं रहे थे। 45 वर्षीय कैप्टन सुमित कपूर 1600 घंटे का फ्लाइंग अनुभव रखते थे। वहीं भारतीय वायु सेना अधिकारी की पुत्री शाम्भवी पाठक बतौर सह पायलट कॉकपीट में थी। उनकी आयु मात्र 29 वर्ष की ही थी। वह एक होनहार प्रतिभाशाली पायलट थी। पवार की मौत पर शोकग्रस्त होने वालों को देख कर लगता है कि उन्हें ऐसे ही घोटालेबाज़ नेताओं की ज़रूरत है।