सूरजकुंड थाना क्षेत्र में धड़ल्ले से लगाए गए अवैध बोर

सूरजकुंड थाना क्षेत्र में धड़ल्ले से लगाए गए अवैध बोर
February 04 00:19 2025

फरीदाबाद  (मज़दूर मोर्चा) अनंगपुर क्षेत्र में अवैध बोर लगाने का काम पिछले कुछ समय से जोरों पर चला। थाना सूरजकुंड क्षेत्र के पूर्व एसएचओ अनिल कुमार की रहनुमाई में लोगों ने जमकर अपने घरों एवं फार्म हाउसों में बोर करवाए। सूत्रों के हवाले से तो खबर यह भी आ रही है कि इस दौरान 80 लगाए गए और प्रति बोर 2 लाख रुपए वसूले गए। बोर करवाने की जिम्मेदारी सूरजकुुंड थाने की मिलीभगत से अतरा नेता और मनोज करवाते हैं। दो लाख रुपयों में एक लाख रुपये एसएचओ का हिस्सा होता है ओर एक लाख रुपये अतरा नेता व मनोज के बीच बंटता है। हालांकि कुछ बोर बिना सेवा शुल्क के भी लगाए गए। अनंगपुर गांव ही नहीं, अपितु गांव के आसपास अरावली वन क्षेत्र में बने फार्म हाउसों में भी जमकर बोर लगाए गए। इन फार्म हाउसों को तोडऩे के आदेश सुप्रीम कोर्ट ने जारी किए हुए हैं और किसी भी तरह की गतिविधि प्रशासन द्वारा यहां पर नहीं की जा सकती, यहां तक बिजली के मीटर भी बिजली निगम यहां से उतार रहा है।

सुधी पाठकों को बताते चलें कि अतरा नेता और मनोज सत्ता के दलाल हैं। अतरा पहले पूर्व कांग्रेसी मंत्री शिव चरण शर्मा की चरणवंदना करता था, उन्होंने इसके एवज में उसे ग्रीवांस कमेटी का सदस्य भी बनवा दिया था। कांग्रेस की सत्ता जाते ही अतरा भाजपाई मंत्री कृष्णपाल गूजर के तलुए चाटने लगा, उसके नाम पर ही सूरजकुंड-अनंगपुर क्षेत्र में जमकर दलाली कर रहा है। मनोज भी पूर्व मंत्री महेंद्र प्रताप का खास हुआ करता था लेकिन कांग्रेस के सत्ता से बाहर होते ही मनोज भी मंत्री गूजर की चरणवंदना में जुट गया। मंत्री का वरद्हस्त होने के कारण वह भी सत्ता की हनक दिखा कर जमकर दलाली कर रहा है।

अनंगपुर गांव अवैध बोरिंग तक ही सीमित नहीं है, इसी गांव में अवैध शराब की बिक्री का खुला खेल भी हुआ। शराब माफियाओं का पुलिस का खुला संरक्षण प्राप्त था, जिससे गांव नशे की चपेट में आ गया। पूर्व एसएचओ अनिल कुमार पर तो चुनाव के दौरान पकड़ी गई अवैध शराब को ही ठिकाने लगाने के आरोप लगाए जा रहे हैं। यह शराब ऑब्जर्वर संदीप चौहान ने चुनाव के दौरान पकड़ी थी और थाने में पर्याप्त स्थान न होने के चलते इसको थाने के निकट स्थित कमरों में सील बंद करके रख दिया गया था। यह शराब शहर के मशहूर शराब व्यापारी डिम्पल की बताई जा रही थी। इस शराब को धीरे-2 ठिकाने लगा दिया गया और सांठ-गांठ करके शराब माफियाओं को बेचने के लिए दे दी गई।

पूर्व एसएचओ अनिल कुमार के समय अनंगपुर गांव में जमकर जमीनों पर कब्जे हुए। लोगों के केस कोर्ट में होने के बावजूद उनकी जमीनों पर कब्जे किए गए। गांव के जसरथ ने तो इस बाबत शिकायत पुलिस उपायुक्त एवं कोर्ट में भी दी। कोर्ट केस होने के बावजूद उनकी जमीन पर कब्जा किया गया और जब वह रोकने गए तो उनके साथ मारपीट की गई। इस मामले में पुलिस ने जमीन पर कब्जा करने वाले दोषियों की बजाय जमीन के मालिकों पर मारपीट की धाराओं में मुकद्दमा दर्ज कर लिया। गांव में इस प्रकार की अनैतिक गतिविधियों की शिकायत के बाद पूर्व एसएचओ अनिल कुमार को लाइन में भेज दिया गया है, लेकिन अभी तक उनके खिलाफ कोई जांच नहीं बिठाई गई है।

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Mazdoor Morcha
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