करनाल। सीएम सैनी सुशासन के ढिंढोरे पीट रहे हैं लेकिन उनके राज में निकम्मे कर्मचारी समय पर कार्यालय नहीं पहुंचने को अपनी शान समझते हैं। रोजाना की तरह नगर निगम में मंगलवार को भी तीन कर्मचारी देरी से कार्यालय पहुंचे लेकिन इस दिन निगमायुक्त ने औचक निरीक्षण किया और उन्हें कारण बताओ नोटिस जारी किया। सब जानते हैं कि कारण बताओ नोटिस केवल औपचारिकता होती है, कर्मचारी कोई भी बहाना बना कर जवाब दे देगा और निगमायुक्त संतुष्ट हो जाएंगी। यानी होना जाना कुछ नहीं है।
निगमायुक्त डॉ. वैशाली शर्मा ने डेयरी-डिस्पैच, हैल्प डैस्क, नागरिक सुविधा केन्द्र, सम्पत्ति कर शाखा, विद्युत शाखा, भवन शाखा, जन्म एवं मृत्यु रजिस्ट्रेशन शाखा, जलापूर्ति शाखा, विवाह पंजीकरण शाखा, अधीक्षक ऑफिस तथा स्थापना शाखा का दौरा किया। इस दौरान विवाह पंजीकरण शाखा के सहायक जितेन्द्र मलिक, विद्युत शाखा के कनिष्ठï अभियंता मुनीष लालर तथा जलापूर्ति शाखा से बिल वितरणकर्ता नरेश ड्यूटी पर उपस्थित नहीं मिले। निगमायुक्त ने नाराजगी जताई और कार्रवाई के आदेश दिए। इसके बाद उन्होंने अधिकारियों व कर्मचारियों को निर्देश दिए कि कार्यालय में आने वालों के साथ सम्मानपूर्वक व्यवहार किया जाए और उनकी समस्याओं का समाधान किया जाए। किसी भी कार्य में लेटलटीफी न करें। पेंशन के केसों को एक सप्ताह में निपटाने का आदेश दिया। सम्पत्ति कर शाखा को निर्देश दिए कि प्रॉपर्टी आईडी से सम्बंधित आने वाली ऑनलाईन या ऑफलाईन आपत्तियों का निपटान शीघ्रता से किया जाए।
नागरिक सुविधा केन्द्र के दौरे के दौरान उन्होंने काम करवाने वाले नागरिकों से बात की और काम समय पर होता है या नहीं, इसके बारे पूछा। इस पर नागरिकों ने कहा कि समय पर कार्य हो रहा है। उन्होंने निर्देश दिए कि स्ट्रीट लाईट, सीवरेज व साफ-सफाई से सम्बंधित आने वाली शिकायतों का समय पर निवारण करना सुनिश्चित किया जाए। इस दौरान उप निगम आयुक्त अशोक कुमार मौजूद रहे।